भिखारी समस्या का महत्वपूर्ण दस्तावेज है उपन्यास” चौराहा” : गोकुल सोनी
RKTVNEWS/भोपाल (मध्यप्रदेश)14 जून। मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन भोपाल के तत्वावधान में आयोजित “नीलम जयंती शब्द उत्सव” के प्रथम दिवस में सायंकाल 6 बजे से वरिष्ठ उपन्यासकार चंद्रभान राही के द्वारा भिक्षा व्यवसाय पर आधारित उपन्यास चौराहा पर चर्चा का आयोजन किया गया। प्रमुख वक्ताओं में वरिष्ठ साहित्यकार गोकुल सोनी एवम डा. अनिता चौहान ने उपन्यास विमर्श में भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन छिंदवाड़ा के सुप्रसिद्ध साहित्यकार कुंज किशोर विरूरकर ने किया।
लेखक श्री रही ने इसकी सर्जनात्मक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रस्तुत उपन्यास लिखने के पूर्व मैने भिखारी समस्या का गहन अध्ययन किया, तत्पश्चात उपन्यास चौराहा लिखा।
वरिष्ठ समीक्षक गोकुल सोनी ने “चौराहा” की तात्विक समीक्षा करते हुए कहा कि एक सफल उपन्यास के तत्वों के अनुरूप लेखक के कला पक्ष एवम भाव पक्ष दोनों सुदृढ़ हैं। ऐसे उपन्यास भिक्षावृत्ति के उन्मूलन हेतु सरकार को सुझाव देने का काम करते हैं। यथार्थवादी की सराहना करते हुए उन्होंने भाषा भाषा की सहजता, सरलता एवम संप्रेषणशीलता की प्रशंसा की।
डॉक्टर अनीता सिंह चौहान वरिष्ठ कथाकार ने चौराहा की संवेदनाओं को उजागर किया करते हुए इसे सफल एवम पठनीय कृति निरूपित किया।

भिखारी समस्या का महत्वपूर्ण दस्तावेज है उपन्यास” चौराहा” : गोकुल सोनी