आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 जून। शहर के जेल रोड स्थित श्री दिगंबर जैन चंद्रप्रभु मंदिर में मुनिसंघ सेवा समिति के तत्वावधान में श्री पंचायती मंदिर आरा के द्वारा आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को घटयात्रा निकालकर किया गया। परम पूज्य आचार्य चर्याशिरोमणी श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 सुप्रभसागर जी महाराज एवं मुनि श्री 108 प्रणतसागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव हो रहा है। जैन समाज के अध्यक्ष कमलेश कुमार जैन ने बताया कि प्रतिष्ठाचार्य पं मुकेश जैन शास्त्री गुरुग्राम सह प्रतिष्ठाचार्य पं अखिलेश जैन शास्त्री रामगढ़ा के कुशल निर्देशन में एवं संगीतकार ऋषि जैन भोपाल टीम के सुमधुर संगीत तथा टीकमगढ़ से पधारे सन्मति ग्रुप के दिव्य घोष की टीम के माध्यम से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव बड़े ही भक्तिपूर्वक संपन्न हो रहा है। मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया की धर्मनगरी आरा के पावन धरती पर दिगंबर जैन साधु का प्रवास हो रहा है तथा उनके मंगल सानिध्य में ही पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव होना आरा वासियों के लिए बड़े ही पुण्य के साथ सौभाग्य का विषय है। पंचकल्याणक महोत्सव में शामिल होने के लिए देश के अनेकों प्रांत एवं नगरों से भक्त आरा पहुंच रहे है। कार्यक्रम संयोजक डॉ शशांक जैन ने बताया की देव, शास्त्र, गुरु की आज्ञा प्राप्तकर प्रातः समय में घटयात्रा चंद्रप्रभु मंदिर से निकलकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पहुंची तत्पश्चात् सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा, यज्ञ प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा, मंगल कलश स्थापन, ध्वजारोहण, अखंड दीप प्रज्वलन, यज्ञ मंडल आराधना हुआ। संध्या समय में मुनिश्री के द्वारा सम्यक समाधान के उपरांत संगीतमय महाआरती, जिनवाणी वाचन, गर्भ कल्याणक, सौधर्म इंद्र की सुधर्मा सभा इत्यादि कार्यक्रम संपन्न हुआ। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में भगवान के माता-पिता शुचि-सुकुमार जैन, सौधर्म इंद्र-इंद्राणी डॉ श्वेता-भावेश जैन, धन कुबेर मंजुला-आदेश जैन, ईशान इंद्र सरला-राजेन्द्र कुमार जैन, स्वर्ण सौभाग्यवती जोड़ा कीर्ति-अखंड जैन, रिया-अभिषेक जैन एवं अन्य लोगों को प्रमुख पात्र बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महोत्सव को सफल बनाने के लिए जैन समाज के बच्चें, युवक-युवतियो के साथ पुरुष एवं महिलाओं का आमुख योगदान मिल रहा है।
