डूबने की घटना के विश्लेषण पर एसडीआरएफ़ के साथ हुई चर्चा।
RKTVNEWS/पटना(बिहार)06 जून। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में बृहस्पतिवार को राज्य में डूबने की घटना में कमी लाने के उद्देश्य से उपाध्यक्ष डॉ. उदयकान्त के निर्देशानुसार एसडीआरएफ़ के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राज्य में डूबने की घटनाओं के कारण व परिस्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राधिकरण के संदीप वर्मा, दीपक कुमार, डॉ. अजीत, आलोक रंजन ने दिया। घटना के मूल कारणों पर चर्चा करते हुए पाया गया कि घटनास्थल पर ज्यादा मिट्टी की कटाई के कारण एवं तालाबों, नदियों की गहराई नहीं जानने के कारण बाहर से आए लोग दुर्घटना का शिकार होते है। डूबने की घटना का मूल कारण तैराकी नहीं आते हुए भी बचाने की कोशिश करना तथा एक दूसरे को बचाने के प्रयास में सामूहिक रुप से डूबने की घटना ज्यादा है। एसडीआरएफ़ के कमांडेंट मो. फ़रोगुद्दीन ने जनवरी 2024 से अप्रैल 2024 तक के बचाव एवं डूबने से होने वाली मौत के आकड़ों का जिक्र करते हुए विभिन्न कारकों की चर्चा की। बैठक में चर्चा की गई कि तालाबों और नदियों के प्रमुख घाटों पर साइनबोर्ड लगाया जाना जरूरी है।
प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग दिए जाने पर चर्चा की गई। बैठक में हर जिले में उपलब्ध तैराकों का रिफ्रेशर प्रशिक्षण कराये जाने एवं खतरनाक घाटों को चिह्नित करके मानव पहुँच को रोके जाने पर विचार किया गया। साथ ही सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के समुदाय स्तर पर क्रियान्वयन के दौरान भी एसडीआरएफ़ के प्रशिक्षकों का सहयोग लिए जाने पर विमर्श हुआ। इस बैठक में उपाध्यक्ष के आप्त सचिव कुन्दन कौशल, वरीय सलाहकार डॉ. अनिल कुमार, डॉ. जीवन कुमार, सहित पदाधिकारीगण एवं एसडीआरएफ़ के कमांडेंट मो. फ़रोगुद्दीन, उप कमांडेंट श्री जितेंद्र पाण्डे, इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर उपस्थित रहें।

डूबने की घटना के विश्लेषण पर एसडीआरएफ़ के साथ हुई चर्चा।