आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 मई।महिला संगठन ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दस साल देश की महिलाओं के लिए आफत के काल साबित हुए हैं। इस दौरान उनको असहनीय तकलीफें उठानी पड़ी और बर्बर हिंसा और यौन उत्पीड़न झेलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि हर गरीब के खाते में 15 लाख रुपया डालने के बाद वे लखपतिया दीदी का जो जुमला लेकर आये हैं वह नाकाम रहेगा।
मीना तिवारी आज आरा शहर के नवादा चौक और अनाइठ मठिया समेत विभिन्न चौक-चौराहों पर नुक्कड़ सभा को संबोधित कर रही थीं
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और उनके मंत्री जिन बाबाओं के पैर छूते रहे वे महिलाओं के साथ अत्याचार के मामलों में जेल में बंद हैं। वे कर्नाटक में जिस प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करने गए वह 300 से भी अधिक महिलाओं के साथ बर्बर यौन हिंसाके आरोप में जेल में है।
उन्होंने कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर और ब्रजभूषण शरण जैसे कई भाजपा सांसद-विधायक भाजपा के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारे की धज्जियां उड़ाते रहे हैं। प्रधानमंत्री के पास विदेश जाने और चुनाव प्रचार के लिए काफी समय था, लेकिन बर्बर हिंसा का शिकार हुई मणिपुरी महिलाओं से मिलने का समय नहीं था।
ऐपवा नेत्रियों संगीता सिंह और शोभा मंडल ने भी आरा विधानसभा क्षेत्र के मैनपुरा, अगरसंडा, बेहरा, पवट, शुकुलपुरा और दरियापुर में महिलाओं के साथ संवाद करते हुए कहा की बलात्कारियों की संरक्षक भाजपा को सबक सिखाने का समय आ गया है।
महिला नेताओं ने आरा संसदीय क्षेत्र के इंडिया गठबंधन प्रत्याशी सुदामा प्रसाद को भारी मतों से जितने का आह्वान किया।
