नदी, तालाब व पोखर में बिंद-मल्लाह समाज के मछली पालन के अधिकार की पुनर्बहाली हो – शत्रुघ्न साहनी
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 मई।भाजपा-जदयू ने बिंद-मल्लाह समुदाय समेत तमाम अतिपिछड़ों के साथ विश्वासघात किया है। अब यह मौका आया है कि उनको सबक सिखाया जाए। खेग्रामस (अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा) के राष्ट्रीय सचिवों – राजेश साहनी (उत्तरप्रदेश) और शत्रुघ्न सहनी (बिहार) ने आज आरा सदर प्रखंड के दर्जनों गांवों जनसंवाद करते हुए यह कहा।
नेताद्वय ने आज आरा सदर प्रखंड के लक्ष्मणपुर, धरि नगर, धुंधुआं, बरजा, अगरसंडा, धमार आदि गांवों में जनसंवाद किया।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव नहीं, दक बड़ी चुनौती है। देश का संविधान और लोकतंत्र दांव पर लगा हुआ है। दलित, अति पिछड़ों और अतिपिछड़ों का आरक्षण भी छीना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी-नीतीश सरकार ने नदियों और तालाबों पर से बिंद-मल्लाह समुदाय के परम्परागत अधिकार छीन लिये हैं। राज्य मत्स्यजीवी सहकारी समितियों को बाहर कर नीलामी करने से उनके रोजगार व व्यवसाय को।भारी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि बिंद-मल्लाह समाज की एक बड़ी आबादी माइक्रो फाइनांस कम्पनियों के कर्ज के जाल में फंसी हुई है। ऐसे तमाम कर्जों को माफ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अपने रोजगार, व्यवसाय और सम्मान की रक्षा के लिए सबको एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना होगा और आरा से इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी सुदामा प्रसाद को झंडे पर तीन तारा पर बटन दबाकर जिताना है।
बैठकों में भाकपा(माले) नेता कामता बिंद, विजय बिंद, मंटू साहनी, राजाराम प्रसाद, लगन साहनी, रामानन्द साहनी और वीरबहादूर साहनी समेत कई स्थानीय नेता भी शामिल रहे।

नदी, तालाब व पोखर में बिंद-मल्लाह समाज के मछली पालन के अधिकार की पुनर्बहाली हो – शत्रुघ्न साहनी