
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 21 मई।जनहित परिवार के अध्यक्ष गायत्री सहाय एवं कार्यकारी अध्यक्ष जगत् नंदन सहाय ने लोकसभा चुनाव 2024 के संदर्भ में कहा है कि
लोकतंत्र का महापर्व अब समाप्ति पर है संविधान ने हमें यह शक्ति प्रदान की है मतदान का । मतदान के द्वारा हम, सरकार का गठन करते हैं आप अपने विवेक से मतदान करें , अवश्य करें यही भावी पीढ़ियों के लिए आपका आशीर्वाद होगा। आप अपने मत से अपना प्रतिनिधि चुनते हैं जो जन समस्याओं को उठाकर उसका समाधान सुनिश्चित करता है जनहित परिवार की ओर से हमारा संदेश है मतदान अवश्य करें।
साहित्यकार होने के नाते उनका कहना है कि आज के सोशल मीडिया के युग में साहित्यकार और लोककलाकार अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। लोक कला और गंभीर साहित्य अब कमजोर पड़ता जा रहा है।
अच्छी-अच्छी पत्रिकाएं अब बंद हो गई हैं। अब सोशल मीडिया पर व्यावसायिक साहित्य और कला के मंच दिख रहे हैं। साहित्य और कला के नाम पर सोशल मीडिया में अश्लीलता और बिना सीर पैर की बातें करने का चलन बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर बेवजह वाहवाही और लाइक से वरीय साहित्यकार और कलाकार अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। आज साहित्यकारों और कलाकारों के पास इतनी आमदनी नहीं हो पाती कि वह अपनी साहित्य को और अपनी लोक कला का प्रदर्शन कर सके।
भावी सरकार से यही अपेक्षा है कि साहित्यकारों की गरिमा दोबारा लौटई जाए। साहित्यकारों को और लोक कलाकारों को पेंशन की व्यवस्था की जाए। उनके पुस्तकों को मुद्रित करने की तथा लोक कला को प्रदर्शित करने की सुविधा दी जाए।
