आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)07 मई। 5 मई को वाहन से दूर्घटना में दोनो पैर गवा चुके अवारा कुत्ते का एक नियमित अंतराल ड्रेसिंग और देखभाल करने वाले समाज सेवी अमरदीप कुमार जय ने बताया कि जिसकी नियमित ड्रेसिंग और इलाज चल रहा था उस आवारा कुत्ते का पुनः मोटरसाइकिल से दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण मृत्यु हो गई। समाजसेवी ने बताया की सेवा भावना से सेवा करने पर कुत्ता अपनापन महसूस करता था और वह भी जाने पर भक्ति भाव से पूछ डुलाते हुए इलाज करवाता था और आने का इंतजार भी करता था।विस्कुट आराम से खाता था।
पहले दिन घावों को साफ-सुथरा कर दवा लगाया तो डर रहा था लेकिन अपना समझ आराम से ईलाज कराया। अमरदीप कुमार जय ने कहा की आवारा जानवरो के स्थानो का अतिक्रमण कर लिया गया हैं और आवारा पशुओं को परेशान कर,मार कर समाप्त कर दिया जाता है।
आवारा पशुओं के लिए नगर निगम आरा, पशु पालन विभाग एवं बिहार सरकार कुछ पहल नही करती।अवारा जानवरो के कल्याण एवं रख रखाव हेतु आरा शहर में कोई व्यवस्था नही है पर पर यही लोग मन्दिर एवं मस्जिद में टाईल्स एवं पत्थरो पर अपना नाम लिखवाने हेतु लाखो रूपये खर्च कर देते हैं। इंसान हो या जानवर सबका जीवन प्यारा है। इन सब पर भी सहानुभूति रखने की जरूरत है।


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