
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 मई। 2 मई को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष वेतन और पेंशन के लिए बिहार के शिक्षा मंत्री को पत्र भेजा है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ वीर कुंवर सिंह परिक्षेत्र के अध्यक्ष चितरंजन प्रसाद सिंह ने लिखित रूप से देते हुए, बताया कि विगत फरवरी 24 से लेकर वेतन और पेंशन अप्रैल तक नहीं मिला है। जिसके कारण पूरे विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मियों में अजीब निराशा की स्थिति बनी हुई है। सभी लोग परेशान हैं क्योंकि जीवन यापन का एकमात्र साधन वेतन और पेंशन ही है। पेंशनधारियों को तो और भी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है ।क्योंकि ये समाज के सबसे वरीय सदस्य होते हैं और अपने परिवार पर, बाल बच्चों पर आश्रित होते हैं, या फिर उनकी भी जिम्मेदारियों का वहन करना पड़ता है। अपनी स्वास्थ्य दवा दैनिक खर्च परिवार के बाल बच्चों का फीस से लेकर और भी आवश्यक खर्च। सभी काम इसी पर आधारित है। इस स्थिति में जीवन यापन दुभर हो गया है। राज्य सरकार शिक्षा मंत्री , उच्च शिक्षा निदेशक,राज्य भवन के बीच चल रहे पावर परीक्षण में विश्वविद्यालय का काम निश्चित रूप से बाधित ही नहीं पूरे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
ऐसी विषम परिस्थितियों बन चुकी है कि एक तरफ चुनाव, दूसरे तरफ संगठन और पेंशनधारियों की ज्वलंत मुद्दे।सभी संगठन के लोग चुनाव के कारण बोल भी नहीं पा रहे हैं, गुस्सा उफान पर है, मुंह बंद है ,हाथ बंधे हुए। लेकिन चुनाव तो है, चुनाव तो होगा। चुनाव तक चुप्पी से क्या समाधान निकल पायेगा। विश्वविद्यालय के पदाधिकारी भी मौज मस्ती से हैं इसलिए की समस्याएं विश्वविद्यालय से उठकर सरकार और राज्य भवन तक पहुंच गयी है। प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया की अपने कर्मचारियों ,पेंशनधारियों को दवा के अभाव में मरते देख हृदय कांप उठता है,पैसे के अभाव में टूटती शादियां, बेटे-बेटियां के टूटते अरमान ,महिलाओं का रुदन अब कहीं का नहीं रखा है।श्री सिंह ने कहा कि काश! इन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ऐसा दिन देखने को मिलता।
