आरा/भोजपुर( अमरेश सिंह) 15 जुलाई । माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या 9322/2022 में दिनांक 15.12.2022 को पारित निर्णय के आलोक में आज दिनांक 15 जुलाई, 2023 को जिला विधिक सेवा प्राधिकार भोजपुर आरा के तत्वधान में एक कार्यशाला का आयोजन जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, ब्रजेश कुमार मालवीय की अध्यक्षता एवं प्रकोष्ठ में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सभी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, इंश्योरेंस कंपनी के अधिवक्तागण एवं स्टेकहोल्डर्स के रूप में इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव आदित्य सुमन ने बताया कि मोटर दुर्घटना संशोधित नियमावली में वाद लाने के लिए समय सीमा 6 माह निर्धारित किया गया है। वही वाद को 12 महीने के अंदर निष्पादित कर देना है। साथ ही सचिव ने यह भी बताया कि नियमावली में कई प्रारूप दिए गए हैं जो अनुसंधानकर्ता पीड़ित, चालक, वाहन मालिक, इंश्योरेंस कंपनी को निर्धारित समय अनुसार प्रारूप में दिए गए सूचनाओं के प्रपत्र में भरना है ताकि अनुसंधान 90 दिन के अंदर पूर्ण हो सके एवं दावा प्राधिकरण द्वारा उस पर मुआवजा के संबंध में आदेश पारित किया जा सके। सचिव द्वारा यह भी अपील की गई की नई नियम को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं जिससे कि पीड़ित को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके। तकनीकी कारणों के कारण वह इसका लाभ उठाने से वंचित ना हो सके। वाहन का निबंधन अनिवार्य है। नो क्लेम की स्थिति में मृतक के परिवार को मृत्यु होने पर ₹ 5 लाख एवं दुर्घटना से जख्मी होने पर ₹ 2.5 लाख रुपया देने का प्रावधान है।


