आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 मई।02मई को भारतीय जनसंघ के संस्थापक सचिव, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रो बलराज मधोक जी की आठवीं पुण्यतिथि पर फ्रेंड्स कॉलोनी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मधेश्वर नाथ पाण्डेय ने की। कार्यक्रम के आरंभ में प्रो बलराज मधोक, डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी और पं दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य-वक्ता के रूप में बोलते हुए अखिल भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी और पं दीनदयाल उपाध्याय जी के अभिन्न साथी और भारतमाता के महान सपूत प्रो बलराज मधोक जी एक आदर्श शिक्षक, कुशल संगठक,महान विचारक, साहित्यकार, इतिहासवेत्ता, अप्रतिम योद्धा, दूरदर्शी राजनेता और स्पष्टवादी सांसद के रूप में जाने जाते हैं। डॉ मुखर्जी के असमय निधन के बाद जनसंघ को संभालने और जन-जन तक पहुंचाने में प्रो मधोक और दीनदयाल जी की जोड़ी का सर्वोच्च योगदान रहा। आचार्य पांडेय ने कहा कि जिस आदर्श समाज और सशक्त राष्ट्र के लिए मधोक जी और दीनदयाल जी ने संघर्ष किया उसको साकार करना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल का मुख्य उद्देश्य देशहित और राष्ट्ररक्षा है, चुनावी सफलता तो अवांतर फल है।हमारा संघर्ष ही हमारी सफलता है। उन्होंने कहा कि आज तुच्छ सत्ता और वोट के लिए समाज को विघटित तथा देश को कमजोर करनेवाले तत्त्व सक्रिय हैं। ऐसे में जनसंघ को सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक धरातल पर अलख जगाने तथा अपनी नीतियों को क्रियान्वित करने के लिए विशेष अभियान चलाना है। जनसंघ अध्यक्ष ने कहा कि पूरे देश के पच्चीस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों को केंद्र बनाकर हमारे कार्यकर्ता समाज की सशक्तता के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि महान समाजवादी डॉ राममनोहर लोहिया ने राम, कृष्ण और शिव को भारत का आदर्श तथा प्रेरक माना और रामायण मेला की शुरुआत की किंतु तथाकथित समाजवादी और लोहियावादी आज राम, रामायण और उनके आदर्शों का विरोध कर रहे हैं। इसी प्रकार डॉ अम्बेडकर ने पाकिस्तान निर्माण को लेकर जो विचार व्यक्त किए और हिन्दू समाज की एकता तथा सशक्तिकरण पर बल दिया उसके विपरीत उनके नाम का दुरूपयोग कर समाज को विघटित करने का षड्यंत्र चलाया जा रहा है जिसका जमीनी स्तर पर परिमार्जन करने का अभियान जनसंघ चला रहा है। जनसंघ प्रमुख ने कहा कि जब तक महंगे चुनाव होंगे तब तक सामाजिक-राजनीतिक अव्यवस्था, महंगाई और भ्रष्टाचार को दूर नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग सभी प्रत्याशियों का प्रचार करे और पानी की तरह पैसा बहाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए। धनबल,जातिबल और बाहुबल ने योग्यता को कुंठित और लोकतंत्र को सारहीन बना दिया है। समाज में प्रखर राष्ट्रवाद का प्रशिक्षण कराकर ही लोकतंत्र को सफल और सार्थक बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार मिश्र, स्वागत भाषण जिला उपाध्यक्ष जनार्दन मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता सत्येन्द्र नारायण सिंह ने किया।

