RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)26 अप्रैल। आज पीरो प्रखंड परिसर स्थित शहीद भवन के सभा कक्ष में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एआरओ तरारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लोकसभा निर्वाचन 2024 में प्रतिनियुक्ति सेक्टर पदाधिकारी एवं सेक्टर पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारी एवं उनके वरीय पदाधिकारी की उपस्थिती में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में एआरओ तरारी सह अनुमंडल पदाधिकारी, पीरो के अतिरिक्त पीरो, तरारी एवं सहार प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ-साथ अंचल अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस बैठक का आयोजन नामांकन के पूर्व सभी निर्वाचन कार्यो के दायित्वों का निष्पक्ष और ससमय निष्पादन करने हेतु किया गया था।
• सेक्टर पदाधिकारी को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि 1 जून 2024 तक चुनाव कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से सेक्टर पदाधिकारी जिम्मेवार है। अतः वह अपने एरिया को समझे अपने एरिया का भ्रमण करें। उसके शॉर्टकट रास्तों को खोजें कम्युनिकेशन पर ध्यान दें ।वहां के लोगों से मिले-जुले और वहां की स्थिति का आकलन करें। क्योंकि रिजर्व ईवीएम सेक्टर के पास रहता है इसलिए एक बूथ से दूसरे बूथ तक पहुंचने में सबसे कम समय लगाया जाए तथा उन रास्तों की खोज की जाए। जिससे कम समय में वहां पहुंच जाए। साथ ही बूथ का भौतिक सत्यापन समय रहते सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं सेक्टर पुलिस अधिकारी द्वारा कर लिया जाए ।
• सभी बूथों पर AMF के अन्तर्गत शौचालय, शुद्ध पानी पीने की व्यवस्था, बैठने हेतु फर्नीचर , कुर्सी टेबल की उपलब्धता हो ।
• यदि कहीं फर्नीचर सुविधा उपलब्ध नहीं है तो किसी दूसरे स्कूल से उसे टैग करके फर्नीचर की व्यवस्था कर ली जाए ।
• दिव्यांग हेतु रैंप बनाया जाए।
• निर्वाचन से पूर्व सभी बूथों पर शेड की व्यवस्था समय रहते कर लिया जाए ।
जिला पदाधिकारी ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को उनका दायित्व और कर्तव्य समझाया तथा सभी सेक्टर पुलिस पदाधिकारी को भी उनके दायित्वों के निर्वहन से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई ।
AMF की अंतर्गत आने वाली सभी सुविधाओं की जानकारी जिला पदाधिकारी ने उपस्थित सेक्टर मजिस्ट्रेट को दी जिसमें
1. रैंप की सुविधा की सुविधा
2. पेयजल की सुविधा
3. पे जल की सुविधा
4. शौचालय की सुविधा
5. बिजली कनेक्शन की सुविधा
6. फर्नीचर की सुविधा तथा अंत में 7. सायनेज की व्यवस्था को आवशक माना है। AMF की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु शिक्षा पदाधिकारी को बैठक करने का निर्देश जिला पदाधिकारी द्वारा दिया गया।29.04.2024 को सभी पुलिस पर्सनल स्टाफ को ट्रेनिंग जिला स्तर पर कराया जाएगा। अभी तक मात्र चार MCC के 4 मामले दर्ज हुए हैं। जिनमें 3 बैनर से संबंधित तथा 1 डीजे से संबंधित है।
* सभी सेक्टर पदाधिकारी को चुनाव के 10 दिन पूर्व वहां की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी तथा उन्हें मजिस्ट्रेट का पावर दिया जाएगा।
* मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीप कोषांग के तहत आईसीडीएस तथा जीविका दोनों को रूटीन बनाकर कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया है । जिला पदाधिकारी द्वारा स्वीप का एक कैलेंडर ही बनाने को कहा गया है।
* QRT के रूप में टेक्निकल पर्सनल को रखने को कहा गया है। इसमें ग्रामीण आवास सहायक/ पंचायत रोजगार सेवक/ कार्यपालक सहायक तथा कंप्यूटर ऑपरेटर से कार्य कराने का निर्देश दिया गया है।
* प्रत्येक प्रखंड में CAPF आवासन हेतु कम से कम 6 स्थान निर्धारित करने को कहा गया है । साथ ही CAPF आवासन व्यवस्था की जांच थाना प्रभारी के माध्यम से कर लिए जाने का निर्देश दिया गया है।
* तरारी विधानसभा के अंतर्गत होने वाले चुनाव हेतु कंट्रोल रूम पीरो, तरारी तथा सहार प्रखंड में बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त ARO का कंट्रोल रूम पीरो प्रखंड में ही बनाया जाएगा।
* जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि डिस्पैच सेंटर पर ही चुनाव कर्मी अपने योगदान देंगे। जहां पर उनका पुलिस पार्टी से मिलान होगा तथा उन्हें आखिरी ट्रेनिंग दी जाएगी । अर्थात फाइनल ब्रीफिंग वहीं पर होगी ।यही उन्हें वाहन उपलब्ध कराया जाएगा तथा शाम को वह अपने बूथ पर जाएंगे और बूथ पर जाने के बाद वह कंट्रोल रूम को अपने पहुंचने की सूचना देंगे । इस पूरी प्रक्रिया में सेक्टर मजिस्ट्रेट उनके साथ रहेंगे । चुनाव कर्मियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वह EVM सीरियल का मिलान अवश्य कर लेंगे । ईवीएम मिलने के उपरांत वह ईवीएम छोड़कर के कहीं अन्यत्र नहीं जाएंगे। चुनाव कर्मियों को मिलने वाली सामग्रियों में अलग से मेडिकल किट भी दिया जाएगा । जिसमें ors के अतिरिक्त कुछ दवाइयां होगी । जिनके प्रयोग की विधि भी लिखी रहेगी।
* तरारी विधानसभा में कुल 331 बूथ हैं। तरारी एक अति संवेदनशील इलाका है । यहां चुनाव को प्रभावित करने वाले कारक बड़ी मात्रा में है । एसडीओ पीरो ने 1874 व्यक्तियों पर 107 लगाने को चिन्हित किया है। जबकि 268 पर 107 की कार्रवाई की गई है। अभी तक मात्र 30 पर सीसीए का प्रस्ताव आया है। ऐसा पुलिस अधीक्षक महोदय का मानना है । थाना प्रभारी को 107 तथा सीसीए की कार्रवाई नहीं करने के लिए पुलिस अधीक्षक पूरी तरह जिम्मेदार मानते हैं। उनका मानना है कि इस इलाके में 80 लूट के अपराध कमी है तथा 44 रंगदारी मामलों के अपराधी हैं । 100 से ज्यादा पुलिस पर हमला करने वाले तत्व मौजूद है । पुलिस अधीक्षक का मानना है कि 2652 व्यक्ति जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं । यहां 17 2 आर्म्स एक्ट के मामले हैं तथा 311 एससी /एसटी को दबाव बनाने वाले व्यक्तियों से संबंधित मामले हैं।यहां इल्लीगल माइनिंग से जुड़े कई व्यक्ति हैं जिस पर 107 की कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन अभी तक नहीं हुई है । 88 व्यक्ति ऐसे हैं जिन पर सीसीए के कार्रवाई कर सकते हैं । यह इलाका रोहतास तथा अरवल से मिला हुआ है। पुलिस अधीक्षक महोदय ने विधि व्यवस्था की SOP के अनुसार काम करने को कहा है । जिला पदाधिकारी महोदय ने कई सेक्टर पदाधिकारी को सही से काम नहीं करने के कारण अनुमंडल पदाधिकारी, पीरो को स्पष्टीकरण करने को कहा है ।इसके अतिरिक्त ARO/प्रखंड स्तर पर सभी सेक्टर पदाधिकारी की बैठक करने को कहा है । सभी सेक्टर पदाधिकारी को अपने संबंधित क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
* जिन बूथों पर चुनाव के दौरान हैंडपंप से पानी पीने की व्यवस्था की गई है और वहां हैंडपंप खराब है । तो उन्हें पीएचडी को तत्काल ठीक करने का निर्देश किया गया है।
* संवेदनशील तथा अति संवेदनशील बूथ किस तरह के होंगे और वहां किस तरह की प्राथमिकता के साथ उनको न्यूनतम सहायता प्रदान की जाएगी । इसकी विस्तृत चर्चा जिला पदाधिकारी ने की। उन्होंने प्रपत्र17 ए/17 सी,12 तथा 12 डी से संबंधित जानकारी भी सेक्टर पदाधिकारी को दी।
* एआरओ को सेक्टर पदाधिकारी को स्वयं ट्रेनिंग देने को कहा गया है।
* जिला पदाधिकारी ने सभी बीडीओ को लोकल एजेंसी के साथ सेक्टर मजिस्ट्रेट को टैग करने को कहा है। ताकि सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने अपने चुनाव बूथों पर समय रहते शेड की व्यवस्था करा ले।
* जिला पदाधिकारी महोदय ने सभी सेक्टर पदाधिकारी को भेद मतदाताओं की पहचान करने को कहा है भेद मतदाता व्यक्ति के रूप में तथा परिवार के रूप में हो सकते हैं । भेद मतदाताओं का टोला हो सकता है। उन्हें टोला के रूप में चयनित करने के लिए कहा गया है। यह महादलित टोला भी हो सकता है । भेद मतदाताओं के कार्य की पहचान करने को भी कहा गया है तथा कारक की पहचान करने के उपरांत 107 की कार्रवाई करने को भी कहा गया है। वैसे कारक जो गंभीर प्रवृत्ति के हैं उन पर सीसीए लगाने को भी कहा गया है तथा उन्हें उनका नाम गुंडा पंजी में दर्ज करने को कहा गया।
• वेनरेबल मैपिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी सेक्टर पदाधिकारी को अपने क्षेत्र में प्रतिदिन जाने का निर्देश दिया गया है । वेंरेबल मैपिंग टोला वाइज बनाने का निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी का मानना है कि कमजोर वर्ग के वैसे मतदाता जो वेनरेबले है। जिनको वोट देने से कोई रोकना है । ऐसे भेदता के कारक की खोज की जाए तथा उसके विरुद्ध 107 की कार्रवाई तथा भेदता के कारक यदि गंभीर है तो उन पर सीसीए तथा गुंडा पंजी में उनका नाम दर्ज कराया जाए। सभी थाने में सेक्टर मैजिस्ट्रेट को अटेंडेंस बनाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए रजिस्टर खोलने को कहा गया है। क्षेत्र में घूमने के बाद वह थाने में अपना रिपोर्ट दर्ज करेंगे।
• अगर कोई व्यक्ति वेनरेबल चिन्हित कर लिया जाता है तो उसमें 107 की कार्रवाई जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया गया।
• सेक्टर पदाधिकारी को डिस्पैच सेंटर से सभी निर्वाचन अधिकारी और कर्मचारी को लेकर बूथ तक छोड़ना है। • उन्हें मॉक पोल करवाना है। VVPAT से निकलने वाली पर्ची गिनवाकर कर इसकी रिपोर्ट करनी है ।
• वीटीआर परसेंटेज समय-समय पर कंट्रोल रूम को देना है तथा दिनभर आवंटित बूथ पर भ्रमण करना है ।यदि कोई समस्या होती है तो जोनल मजिस्ट्रेट ,बीडीओ या कंट्रोल रूम को तुरंत खबर करना है। यदि कहीं बहुत अधिक भीड़ हो और कार्य धीरे-धीरे संपादित हो रहे हैं तो वहां अतिरिक्त व्यक्ति की व्यवस्था कार्य में तेजी लाने हेतु की जाएगी ।
• इसके अतिरिक्त ईवीएम सी और डी को सेक्टर पदाधिकारी द्वारा वेयर हाउस में जमा किया जाएगा।
चलंत बूथों में टेंट लगाए जाएंगे।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि चुनाव बढ़िया तभी होगा जब उसकी तैयारी बढ़िया होगी ।
जिला पदाधिकारी द्वारा सभी सेक्टर पदाधिकारी से बूथ के क्रमानुसार बूथ पर उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित अगर कोई समस्या तात्कालिक रूप से बनी हुई है तो उसके बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
ऐसा पाया गया कि लगभग प्रत्येक बूथों पर कहीं ना कहीं बिजली, पानी, बरामदा, रैंप की कमी है।
• जिला पदाधिकारी द्वारा इन सभी समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। जिला पदाधिकारी द्वारा पीएचईडी के जेईई को जहां-जहां चापाकल खराब है ।उसे बनाने का निर्देश दिया गया।
सेक्टर मैजिस्ट्रेट को हर दिन थाना विजिट करने का निर्देश तथा सीसीए लगाने के लिए भी कहा गया है ।
• निर्वाचन के दिन खाने की व्यवस्था रसोईया के माध्यम से किया जा रहा है।
• एक स्थान पर जहां चार एवं पांच बूथ वाले स्थान है । वहां पर पंडाल लगाना आवश्यक है । पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवन जहां शौचालय नहीं है । वहां शौचालय बनाने का निर्देश दिया गया। वैसे सभी पंचायत भवन जिसमें बूथ बनाए गए हैं । वहां पर बिजली का कनेक्शन देते हुए मीटर लगाया जाए । सभी पंचायत भवन के सामने टेंट लगवाया जाए । सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि सभी टेंट लगाने वाले अभिकर्ता की प्रखंड बार चयन कर ले । साथ ही अभिकर्ता को सेक्टर मैजिस्ट्रेट से टैग कर ले एवं समय रहते कार्य को संपादित करें । जहां पर मतदान के दिन पूर्व में कोई घटना /मारपीट या हत्या जैसे मामले दर्ज हुए हो । वहां सीसीए के अंतर्गत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है
• वैसे बूथ जिनका सड़क से कनेक्शन नहीं है । आने-जाने में वाहन का प्रयोग नहीं हो सकता है। उसे क्रिटिकल माना जा रहा है और वहां पर पैरामिलिट्री फोर्सेस रखे जाएंगे। किसी भी सेक्टर पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को किसी एक समुदाय या कास्ट विशेष के तरफ झुकाव नहीं रखता है तथा निष्पक्ष होकर की अपना कार्य संपादित करना है।
वाहन तीनों प्रखंड में अवेलेबल है इसकी सूची को अंचल अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
• CAPF की 36 कंपनियां के आवासन की व्यवस्था की जानी है। जिसके तहत 13 आवासन का निर्माण किया जा रहा है। इनके अवसान की व्यवस्था शहर की नजदीक करने को प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसमें अस्थाई शौचालय की भी व्यवस्था की जा रही है। उपलब्ध आवासन में हमारे जिला पुलिस के ठहरने की व्यवस्था होगी तथा बीएमपी की व्यवस्था भी होगी। सेक्टर मजिस्ट्रेट को बीएलओ के साथ एक बैठक का आयोजित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है । जो 12 डी के प्रपत्र सभी संबंधितों तक पहुंचाएंगे जो चलने में असमर्थ लोग घर से ही 12 डी का उपयोग कर पाएंगे । 9 स्थान पर सभास्थल बनाया जा रहा है । जहां पर हेलीपैड भी बनाए जाएंगे।
डीपीओ आईसीडीएस तथा जीविका को स्वीप कोषांग के अंतर्गत जिले के सभी 45% से कम के बूथ पर मतदाता जागरूकता का कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया है । सीडीपीओ LEO के माध्यम से तथा डीपीएम जीविका जीविका दीदी के माध्यम से स्वीप कोषांग के अंतर्गत मतदाता जागरूकता का काम करेंगे । इस कार्य में जन वितरण प्रणाली के डीलरों को भी लगाया जाएगा।
सभी सेक्टर दंडाधिकारी एवं पुलिस प्राधिकारी को मेडिकल किट रखने का निर्देश दिया गया है । साथ ही कॉन्फिडेंस बिल्डिंग के तहत वुलनरेबल टोला में 20 मई के बाद फ्लैग मार्च करने का भी निर्देश दिया गया और इसके लिए उन्हे अपनी एक समय सारणी बना लेने को कहा गया है।
जिला पदाधिकारी ने माना की एमसीसी के केस कम हो रहे हैं। जिला पदाधिकारी ने इसके बढ़ाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी केस दर्ज करने का निर्देश दिया है।

