RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)07 अप्रैल।किराना घराने क़े प्रसिद्ध गायक उस्ताद मोइनुद्दीन खां साहब की याद में सजी शास्त्रीय सुरों की महफिल। अवसर था उस्ताद जी क़े पुण्यतिथि का। नवादा क़े छोटी मठिया क़े प्रांगण में आयोजित इस् कार्यक्रम का उद्घाटन चर्चित चिकित्सक डॉ. मदन मोहन द्विवेदी व महंत छठू दास ने दीप प्रज्जवलित कर किया। डॉ. द्विवेदी ने कहा कि उस्ताद का जीवन शास्त्रीय संगीत क़े प्रति समर्पित रहा है। शास्त्रीय संगीत को लेकर उनके संघर्ष को हमेशा याद किया जाएगा। इस् अवसर पर जगदीशपुर से पधारें सुविख्यात तबला वादक राणा प्रताप सिन्हा ने स्वतंत्र तबला वादन में बनारस की खास बंदिशों रेलों व बांट को प्रस्तुत दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं युवा गायिका श्रेया पाण्डेय ने राग भीमपलासी में झपताल की बंदिश ” नार नवेली चली अकेली पनघटवा” छोटा ख्याल “भरन गई यमुना क़े तट मैं गगरिया” द्रुत एकताल की बंदिश व खमाज की ठुमरी प्रस्तुत कर समां बांधा।
वहीं चर्चित युवा गायक अजीत पाण्डेय ने राग जोग में विलंबित ख्याल व द्रुत ख्याल “प्रीत की डोर में हम तुम साजन” प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम ककी अंतिम प्रस्तुति में मशहूर कथक नृत्यांगना गुरु आदित्या श्रीवास्तव ने कथक में कृष्ण भजन ” अवध बिहारी तोरी गुण गाऊँ” तीन ताल में उपज, ठाट, उठान, आमद, परन् व तिहाई क़े साथ कृष्ण राधा क़े पावन प्रेम पर आधारित बनारस की ठुमरी “छोड़ो लंगर मोहे बाहिया गहो ना” पर मनोहारी भाव अभिनय किया।तबले पर संगत चर्चित युवा तबला वादक सूरज कान्त पाण्डेय व मशहूर तबला वादक देवेश दुबे ने किया। मंच संचालन खां साहब क़े समर्पित शिष्य महेश यादव व कलामुद्दीन खां तथा धन्यवाद ज्ञापन उस्ताद निजामुद्दीन खां ने किया। इस् अवसर पर संगीत जगत क़े कई गणमान्य शख्सियत उपस्थित थें।

