उपायुक्त ने दाल मिल अधिष्ठापन के लिए जरूरी कदम उठाने एवं कोल्ड स्टोरेज के प्रभावी उपयोग को लेकर पदाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा- निर्देश।
RKTV NEWS/जमशेदपुर ( पूर्वी सिंहभूम)04 दिसंबर।उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में मुसाबनी प्रखंड के गोहला पंचायत में किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़ी 78 महिला सदस्यों को डिजिटल क्यूआर कोड उपलब्ध कराया गया । एफपीओ में कुल 300 महिलाएं सदस्य हैं, जिनमें प्रथम चरण में 78 महिला उद्यमियों को क्यूआर कोड वितरित किए गए ।
क्यूआर कोड उपलब्ध कराए जाने का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उत्पाद बेचने की प्रक्रिया को अधिक सरल और डिजिटल बनाना है ताकि महिला उद्यमी सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ सकें और अपने उत्पादों की बेहतर कीमत प्राप्त कर सकें।
300 एकड़ क्षेत्र में होती है कॉमर्शियल खेती
गोहला पंचायत स्थित एफपीओ द्वारा लगभग 300 एकड़ भूमि पर व्यावसायिक खेती की जा रही है जिनमें सब्जियां और दलहन की खेती प्रमुख है। 300 एकड़ में गोभी, शिमला मिर्च, बिंस, गाजर, मूली, मटर समेत अरहर, मूंग सहित अन्य दालें और अन्य स्थानीय एवं मौसमी फसलें उत्पादित की जा रही हैं। इस उत्पादन व्यवस्था में महिला किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जो खेत प्रबंधन, प्रोसेसिंग तथा विपणन गतिविधियों को दक्षता से संचालित कर रही हैं ।
गोहला पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने महिला उद्यमियों की प्रगति की सराहना की तथा अन्य जरूरी सहयोग प्रदान करने को लेकर भी आश्वस्त किया । उपायुक्त ने संबंधित विभागों को एफपीओ क्षेत्र में दाल मिल स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। दाल मिल की स्थापना से न केवल दलहन उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए प्रोसेसिंग, पैकिंग और विपणन के नए रोजगार अवसर भी सृजित होंगे।
वहीं, उपायुक्त द्वारा 30 मीट्रिक टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज को ग्राम संगठन को हस्तांरित करने की बात कही गई ताकि संगठन द्वारा इसका समुचित उपयोग कर किसानों को बेहतर भंडारण सुविधा प्रदान की जा सके। इससे सब्जियों एवं अन्य उत्पादों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जा सकेगा जिससे किसानों की आय में वृद्दि होगी।
महिला उद्यमियों को डिजिटल, बाज़ार और वित्तीय कौशल से जोड़ने की रणनीति
जिला प्रशासन की ओर से महिला किसानों और उद्यमियों को डिजिटल पेमेंट एवं ई–मार्केटिंग, उत्पादों की ब्रांडिंग व पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन (Value Addition), वित्तीय साक्षरता एवं उद्यम प्रबंधन से संबंधित जरूरी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं सशक्त हो रही हैं और जिला प्रशासन की ओर से हर संभव तकनीकी एवं बाजार आधारित सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने इसे ग्राम स्तर पर उद्यमिता विकास (Village Level Entrepreneurship) की दिशा में एक सशक्त कदम बताया। उपायुक्त ने विश्वास व्यक्त किया कि गोहला पंचायत में चल रही कृषि आधारित पहलों से न केवल स्थानीय आजीविका मजबूत होगी बल्कि महिला स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी ।

