RKTV NEWS/लखनऊ (उत्तर प्रदेश)04 मार्च।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने सरकारी आवासपर जनपद सहारनपुर, मीरजापुर, बांदा, बस्ती, अमरोहा और फिरोजाबाद की महायोजना-2031 के प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया और नियोजित विकास केलिए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों का उद्देश्य सुनियोजित, संतुलित और तीव्र विकास को दिशा देना है।आम आदमी की सुविधा पर फोकस किया जाए। सभी विकास प्राधिकरणों को आयकी नई सम्भावनाएं तलाशनी होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय शिल्पकला और परम्परागत उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए क्लस्टर विकसित किये जाएं। प्रतिमाओं की स्थापना चौराहोंके स्थान पर पार्को में करना उचित होगा। नगरों में यातायात प्रबन्धन एक महत्वपूर्ण विषय है। हमें इसके लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। टैक्सी-ऑटो स्टैण्डऔर स्ट्रीट वेण्डर जोन तय होने चाहिए। महायोजना में इसके लिए स्पष्ट भूमि चिन्हित की जाए। मल्टीलेवल पार्किंग के लिए उपयुक्त स्थान निर्धारित करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर ‘देवभूमि का प्रवेश द्वार’ है। विगत 06-07वर्षों में यहां न केवल व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी आई है, बल्कि बेहतर होती कनेक्टिविटी और नगरीय सुविधाओं के कारण लोग यहां स्थायी निवास भी बना रहेहैं। सहारनपुर की महायोजना में औद्योगिक-व्यावसायिक और आवासीय गतिविधियों के विकास के लिए सुनियोजित प्राविधान रखे जाएं। सहारनपुर में वुड कार्विंग क्लस्टरके लिए स्थान चिन्हित करें। वर्तमान में जहां काष्ठ शिल्प का हब है, यह स्थान उससेबहुत दूर नहीं होना चाहिए। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब के लिए भी स्थान चिन्हित किये जाएं। आमजन के लिए प्राधिकरण द्वारा नई आवासीय परियोजना की कार्ययोजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीरजापुर में मां विश्ध्यवासिनी के पावन धाम केसौन्दर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। यहां नवस्थापित मेडिकल कॉलेज औरराज्य विश्वविद्यालय को भी महायोजना में शामिल करें। भविष्य के मीरजापुर कीआवश्यकताओं के दृष्टिगत मीरजापुर के विकास क्षेत्र का दायरा और अधिक बढ़ाया जाना चाहिए। जनपद बस्ती विकास की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। यहां चीनी मिल तथा मेडिकल कॉलेज स्थापित हैं। महायोजना-2031 के दायरे में इन्हें भी लाया जाना उचित होगा। विकास नियोजित और संतुलित हो, इसके लिए विशेष ध्यान देनाहोगा।
उन्होंने ने कहा कि जनपद अमरोहा के लिए पहली बार महायोजना तैयारहो रही है। ढोलक, ड्रम, कॉटन रिसाइकिलिंग और बिन्दी बनाने जैसी गतिविधियां यहां की परम्परा का हिस्सा हैं। इन्हें और अधिक फैसिलिटेट करने की व्यवस्था की जाए। जनपद बांदा में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रस्तावित है। महायोजना की सीमाकॉरिडोर तक होनी चाहिए। इससे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे को जोड़ा जाए। हैवी ट्रैफिक से नगर का आम यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।


