
आज हमारे राम आ गए हैं!
आज हमारे राम आ गए हैं।
आज हमारे राम छा गए हैं।।
कान्हा टंगले बाण धनुषवा,
कमल पर शोभे मंगल भेषवा,
आज जनमानस में छा गए है
आज हमारे राम आ गए हैं।
बाजन बाजे मंगल गीत गुंजे,
मंत्रमुग्ध आज कछु ना सुझे,
आज राष्ट्रनायक सबको भा गए हैं,
आज हमारे राम आ गए हैं ।
आकुल कमल कैसे रिझाउ
अपने राम को कैसे मनाऊं
अमृत का फुहार बर्षा गए हैं
आज हमारे राम आ गए हैं।
(साभार जनहित परिवार,भोजपुर)


