बोरा ढोने वाले मजदूरो से बिना वेतन के काम कराना शर्मनाक:महामंत्री राम दयाल सिंह
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 14 फरवरी। मंगलवार 13 फरवरी को फूड एंड एलाइड वर्कर्स यूनियन बिहार के तत्वावधान में भोजपुर आरा खाद्य निगम के गोदाम में कार्यरत मजदूरों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में सभी 12 प्रखंडों के लगभग 100 से ज्यादा मजदूर अपनी मांगों के समर्थन में श्रम अधीक्षक कार्यालय बाबू बाजार के सामने धरना दिया। संघ द्वारा अपनी पूर्व मांगों को लागू करने के लिए धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की गयी। इन मजदूरों का मानना है कि सरकार द्वारा जो न्यूनतम मजदूरी मिल रही है उसे भुगतान किया जाए।इसके लिए अक्टूबर 23 से ही मजदूरों का मेहनताना नहीं मिल रहा है जिससे काफी आर्थिक और पारिवारिक परेशानियां बढ़ गई है। अगर इस पर जल्द से जल्द सुनवाई नहीं होती है तब मजदूर बाध्य होकर कभी भी खाद्य निगम के सभी काम को ठप कर देंगे। इसकी सभी लिखित जानकारी सभी पदाधिकारी को दे दी गई है। इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
महामंत्री रामदयाल सिंह ने बताया कि न्यूनतम मजदूरी भी अक्टूबर 23 से लेकर फरवरी 24 तक नहीं मिला है ।बिना वेतन के यह मजदूर काम कर रहे हैं ।इनका भविष्य निधि ,कर्मचारी राज्य बीमा निगम की कटौती नहीं हो रही है ,प्रबंधक को द्वारा मनमानी किया जा रहा है ।ऐसे में यूनियन अपने माध्यम से श्रम संसाधन विभाग भोजपुर को लिखित आवेदन दिया था जिसका आज श्रम अधीक्षक ने तिथि निश्चित कर समाधान के लिए बुलाया था ।जिसमें आज केवल एक ठेकेदार के एक प्रतिनिधि उपस्थित हुए, जिला प्रबंधक एवं अन्य ठेकेदार अनुपस्थित रहे। जिनके कारण मजदूरों में और रोष था और जोरदार नारेबाजी की ।ऐसी स्थिति में कभी भी मजदूर मजबूर होकर खाद्य निगम का कार्य बंद कर सकते हैं। इन्होंने जिलाधिकारी से भी अनुरोध किया कि आप हस्तक्षेप कर इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द निकाले।
श्री सिंह ने कहा कि एक तो इन्हें न्यूनतम मजदूरी जो मिलना चाहिए वह भी नहीं मिल रहा है उसके बाद भी मजदूर ईमानदारी से बिना वेतन के भी कार्य कर रहे हैं ।ऐसी स्थिति में कभी भी काम बंद कर संवैधानिक तरीके से हड़ताल और आमरण अनशन तक भी बैठ सकते हैं जो हमें संवैधानिक अधिकार मिला है। इन्होंने बताया कि आज धरना के माध्यम से सभी पदाधिकारी को फिर से हम लोग आगाह करना चाहते हैं कि मजदूरों के साथ न्याय हो,इनका वेतन सरकार द्वारा निर्धारित राशि उसे यथाशीघ्र भुगतान करने की कृपा की जाए। एक बोरा ढोने वाले मजदूर को बिना वेतन का काम कराना कितना शर्मनाक अमानवीय और गैर-संवैधानिक है।


बोरा ढोने वाले मजदूरो से बिना वेतन के काम कराना शर्मनाक:महामंत्री राम दयाल सिंह