बक्सर/बिहार 30 जनवरी। आज जाने माने गजल के बादशाह जनाब डॉ ०जुबैर अहमद फरीदी दर्द एवं दैनिक भास्कर, बक्सर, के ब्यूरो चीफ मंगलेश तिवारी के माता के निधनोपरान्त एक शोक सभा का आयोजन साहित्यकार शिव बहादुर पांडेय प्रीतम के आवास पर उन्हीं की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
इस शोक सभा में रामेश्वर प्रसाद वर्मा, डॉ तनवीर फरीदी, तथा उनके भाई, महेश्वर ओझा महेश, जनाभ नैयर आलम,शशि भूषण मिश्र, अतुल मोहन प्रसाद, डॉ ०ओमप्रकाश केसरी पवननन्दन, सुनील मिश्र, रामेश्वर मिश्र, विहान इत्यादि लोग उपस्थित रहे।
उपस्थित लोगों ने दिवगंत दर्द जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की।
श्रीप्रीतम जी ने कहा जन्नत नशीन दोस्त मेरे दर्द इक परिन्दा है,कौन कहता है वो नहीं हैं, दिल में जिन्दा है।
कथा कहते हैं जिस्म छोड कर निकल जाना,दर्द त़ो कैल हैं यादें में ऐसे बन्दा है।।
डॉ ०पवननन्दन, ने कहा डॉ ०दर्द साहब एक मुक्कमल इंसान थे।शब्दों के बहुत बडे ही बाजीगर थे। बक्सर, की पावन सरजमीं पर तो वे गजल की दुनिया के बेताज बादशाह थे।
साथ ही साथ मंगलेश तिवारी के माता के प्रति शोक व्यक्त करते हुए, लोगों ने कहा मां घरती पर बस एक स्वर्ग है।
अंत में सभी लोग खडा ह़ोकर दो मिनट होकर आत्मा की शांति के लिए एवं परिजनों को इस आसह्य दु:ख को झेलने के लिए भगवान से प्रार्थना की।

