पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 11 अक्टूबर। सीताराम राजेंद्र प्रसाद (एस आर पी) कालेज फतेहपुर मे लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के संस्थापक डॉ राजेंद्र प्रसाद राय ने उपस्थित सदस्यों को बताया कि दुर्गा पूजा के अवसर पर हम लोग कुंवारी कन्याओं का पैर धोकर और उनकी पूजा कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। लेकिन जब घर में बेटी पैदा होती है तो मुंह लटका लेते हैं। बेटी बोझ नहीं सम्मान है। बेटी गीता और कुरान है। घर की प्यारी सी मुस्कान है। बेटी मां-बाप की जान है। वरिष्ठ शिक्षक प्रो लक्ष्मण कुमार ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) की जयंती हर साल 11 अक्टूबर को मनाई जाती है। उनका जन्म आज ही के दिन वर्ष 1902 में बिहार के सुदूरवर्ती गांव सिताब दियारा में हुआ था। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश का अर्थ है प्रकाश की जीत। प्राचार्य प्रो अजय कुमार ने कहा कि जेपी को लोकनायक के रूप में याद किया जाता है जिसका अर्थ है लोगों का नेता या नायक। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी को तीन पुरस्कार मिले जिनमें देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न 1999 में मरणोपरांत, एफ आइ ई फाउंडेशन द्वारा इचलकरंजी का राष्ट्र भूषण पुरस्कार और 1965 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार शामिल हैं।
इस अवसर पर डॉ रमाशंकर, प्रो पंकज कुमार श्रीवास्तव, प्रो बबीता कुमारी, प्रो निशा कुमारी, प्रो नरेश कुमार साव, प्रो सुमित कुमार, गुंजन कुमार दास, अजीत कुमार, सुधीर कुमार, शशि कुमार, मोहित कुमार, रंजीत सिंह, शंभू कुमार, अमित कुमार सहित कॉलेज परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे।
