पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 20 जनवरी । पूर्व उद्योग मंत्री, प्रख्यात राजनेता , चिकित्सक, साहित्यकार एवं संस्कृति पुरुष डाॅ पूर्णेन्दु नारायण सिन्हा की जयंती बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के सभागार में मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने डा पूर्णेन्दु नारायण सिंहा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अनिल सुलभ और मंच संचालन ब्रह्मानंद पांडे ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग, बिहार के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय कुमार, मुख्य अतिथि हिंदी प्रगति समिति, बिहार के अध्यक्ष कविवर सत्यनारायण, विशिष्ट अतिथि सुप्रसिद्ध चिकित्सक पद्मश्री डॉ गोपाल प्रसाद सिंहा, अपर पुलिस महानिदेशक, बिहार जितेंद्र सिंह गंगवार, पूर्व प्राचार्य प्रो निर्मल कुमार श्रीवास्तव, डाक महानिरीक्षक, बिहार अनिल कुमार तथा एम्स, पटना के चिकित्सक डॉ संजीव कुमार ने किया। कार्यक्रम के संयोजक पारिजात सौरभ थे। राज्य उपभोक्ता संरक्षण आयोग, बिहार के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय कुमार ने डॉ पूर्णेन्दु नारायण सिंहा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि वे हिंदी प्रेमी थे और उनकी कई रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं।

हिंदी प्रगति समिति, बिहार के अध्यक्ष और बिहार गीत के रचयिता कविवर सत्यनारायण ने कहा कि डॉ पूर्णेन्दु नारायण सिंहा बहुत ही नपा तुला बोलते थे। वे जितना जरूरी होता था, उतना ही बोलते थे। डा पूर्णेन्दु नारायण सिंहा राजनीति और संस्कृति को साथ लेकर चलते थे जो आज के राजनीतिक माहौल में दुर्लभ है। उनके व्यक्तित्व की गरिमा बहुत महान थी। कविवर सत्यनारायण ने कहा कि मैंने पूर्णेन्दु बाबू की आलोचना किसी से नहीं सुनी। पूर्व प्राचार्य प्रो निर्मल कुमार श्रीवास्तव ने डॉ पूर्णेन्दू नारायण सिंहा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे मेरे लिए पिता तुल्य गार्जियन स्वरूप थे। डॉक्टर साहब जैसा व्यक्ति मिलना बहुत मुश्किल है। वे विद्वत्ता, संस्कृति, शिक्षा तथा राजनीति के सम्मिश्रण और प्रखर व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने बताया कि डॉक्टर साहब पटना ग्रैजुएट कांस्टीट्यूएंसी से तीन बार एमएलसी रह चुके हैं। वे बिहार के उद्योग मंत्री भी रह चुके हैं। प्रख्यात चिकित्सक पद्मश्री डॉ गोपाल प्रसाद सिंहा ने डॉ पूर्णेन्दु नारायण सिंहा के साथ बिताये हुए क्षणों की जानकारी दी एवं उनके साथ के अनुभव को साझा किया।

अपर पुलिस महानिदेशक, बिहार जितेंद्र सिंह गंगवार ने डॉ पूर्णेन्दु नारायण सिंहा के साथ पारिवारिक संबंध बताते हुए कहा कि उनके पुत्र प्रवीण सिन्हा (आईपीएस) मेरे बड़े भाई के बैचमेट रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ अनिल सुलभ ने कहा कि डॉ पूर्णेन्दु नारायण सिंहा का व्यक्तित्व अद्भुत था। वे माॅ सरस्वती के साधक और उत्सव पुरुष थे। वे अनेक संस्थाओं से जुड़े हुए थे तथा उनका सामाजिक सरोकार बहुत बड़ा था। डाक महानिरीक्षक, बिहार अनिल कुमार तथा एम्स, पटना के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ संजीव कुमार ने भी डा पूर्णेन्दु नारायण सिंहा से संबंधित जानकारी दी। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त सुधीर कुमार राकेश ने कहा कि डॉ पूर्णेन्दु नारायण सिन्हा मानवता के प्रति मूर्ति थे। कार्यक्रम के बाद कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। 16 कवियों ने अपने कविता पाठ से श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया। संचालक ब्रह्मानंद पांडे ने “हे हरि तुम अनाथ के नाथ” गीत गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
