बागपत/उत्तर प्रदेश 04 जनवरी। नगर पालिका परिषद बागपत नगर में 77.36 करोड रुपए की धनराशि से नवनिर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का लोकार्पण आज केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह द्वारा 14 एम०एल०डी० एसटीपी प्लांट का जनपद वासियों को समर्पित किया । जनपद बागपत में नगर बागपत के 04 प्रमुख नाले क्रमशः 1. आफिसर्स कॉलोनी के पास 2. सालीग्राम मन्दिर के पास 3. एकता कॉलोनी के पास 4. मिर्धानपुरा मोहल्ला में, के माध्यम से यमुना नदी में जाने के कारण यमुना नदी में प्रदूषण हो रहा था अशोधित घरेलू सीवेज को यमुना नदी में जाने से रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत उक्त चार नालों को टैप कर एस०टी०पी० के माध्यम से शोधित कर यमुना नदी में प्रभाहित करने हेतु 77.36 करोड़ की परियोजना वर्ष 2019 में स्वीकृत हुई थी परियोजना में उक्त चार नालों के इंटरसेप्शन एवं डायवर्जेंन, कार्य इंटरसेप्शन सीवर 3.6 किलोमीटर 1नग मुख्य पंपिंग स्टेशन एवं 14 एमएलडी क्षमता का एक नग सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य एवं उनका 15 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव का कार्य सम्मिलित है इस परियोजना का शिलान्यास नितिन गडकरी मंत्री नदी विकास एवं गंगा संरक्षण सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और पोत परिवहन मंत्रालय भारत सरकार के कर कमलो द्वारा 20 फरवरी 2019 को किया गया था परियोजना पूर्ण होने के उपरांत सीवेज का वर्तमान मानकों के अनुरूप शोध कर यमुना नदी में प्रभावित किया जा रहा है जिससे यमुना नदी के प्रदूषण स्तर में कमी आई है परियोजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद बागपत की लगभग 93886 जनसंख्या लाभान्वित हो रही है, जिनका कुल स्राव 8.6 एम०एल०डी० था, जोकि यमुना नदी को प्रदूषित कर रहे थे, जिनका प्रदूषण स्तर बी०ओ०डी०-306मिग्रा० / ली० सी०ओ०डी०-600 मिग्रा० / ली०, तथा टी०एस०एस०-463 मिग्रा0/ ली०, था।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के माध्यम से नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत उक्त नालों द्वारा प्रवाहित प्रदूषित जल के कारण यमुना नदी में होने वाले जल प्रदूषण को रोकने हेतु आई० एण्ड डी० के साथ 14 एम०एल०डी० एस०टी०पी० योजना स्वीकृत हुई थी उक्त परियोजना की क्षमता का निर्धारण आगामी 15 वर्षो यथा 2036 तक बागपत नगर में होने वाले सीवरेज जनरेशन के आंगणन को ध्यान में रखकर किया गया है।
परियोजना से बागपत नगर के उक्त नालों के प्रदूषित जल को सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट पर पहुँचाकर एस०बी०आर० प्रक्रिया द्वारा शोधित किया जा रहा है तथा शोधन उपरान्त प्रदुषण स्तर मानकानुसार बी०ओ०डी०- 10 मिग्रा० / ली० सी०ओ०डी०- 150 मिग्रा0/ ली०, तथा टी०एस०एस०- 520 मिग्रा० / ली० आ रहा है। उक्त शोधित जल को शोधन उपरान्त यमुना नदी में प्रवाहित किया जा रहा है ।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी ने भारत को विकसित भारत बनाने का जो संकल्प लिया है इसमें हम सबको संकल्प लेना है और देश को विकसित बनाना है उन्होंने 2014 में जब संसद का चुनाव लड़ने के लिए काशी पहुंचकर संकल्प लिया था कि मुझे तो मां गंगा ने सेवा करने के लिए बुलाया है प्रधानमंत्री बनने के बाद माननीय प्रधानमंत्री जी ने नमामि गंगे कार्यक्रम चलया, प्रधानमंत्री द्वारा नमामि गंगे मां गंगा को निर्मल और सरल विरल बनाने के लिए सरकार द्वारा हर स्तर पर कार्य किया जा रहे हैं जिससे की प्रदूषित पानी नदियों में न जाए केंद्र सरकार व राज्य सरकार की मुख्य प्राथमिकता नदी नालों को निर्मल विरल बनाना है सभी नदियों की स्वच्छता पर सरकार निरंतर कार्य कर रही है गंगा नदी की जो सहायक नदियां हैं उन पर निरंतर कार्य किया जा रहा है
गंगा नदी के मुख्य धारा को निर्मल करने के लिए गंगा की सहायक नदियों को हिमाचल प्रदेश से लेकर के उत्तराखंड से लेकर के उत्तर प्रदेश से होते हुए बंगाल झारखंड और बिहार इन सभी प्रति में मुख्य धारा के साथ-साथ में गंगा की सभी सहायक नदियों पर एक साथ काम प्रारंभ करके गंगा को अविरल बनाने का जो संकल्प था वह संकल्प आज पूर्ण हो रहा है पूरे गंगा नदी के एक समय जिस तरह से जलीय जीव वापस लौटाए जिस तरह से मछलियां वापस गंगा नदी में रहने वाले कछुए जिस तरह से वापस आये ।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने दुनिया भर के जो सबसे बेहतरीन 10 काम थे दुनिया में प्रकृति को वापस ठीक करने के लिए प्रकृति के घटकों को जो नुकसान पहुंचा है उसको दुरुस्त करने के लिए जो किए गए उन 10 कामों से एक काम के रूप में हमारे इस मिशन नमामि गंगे का प्रयास जो माo प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हुआ इसको चिन्हित किया गया पानी की धारा का रूप नहीं है हमारे लिए आस्था का विषय हमारी पौराणिक महत्वता का विषय भगवान श्री कृष्ण भगवान श्री राम इन सब से जुड़े हुए विषय इन नदियों के साथ में आते हैं आस्था के केंद्र के नाते जुड़े होने के स्वरूप में पहचान रखने के नाते भी आते हैं लेकिन यह आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ में यह नदियां आजीविका का स्रोत भी है।
केंद्र जल शक्ति मंत्री ने कहा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का काम किया है आज उसका प्रभाव भी है जो उत्तर प्रदेश कभी दो प्रतिशत पर था आज उत्तर प्रदेश के तीन चौथाई घरों में नल के माध्यम से पानी जाने का व्यवस्था हुई है और आज अगर देश में सबसे ज्यादा तेजी से किसी प्रदेश में काम हो रहा है तो जल जीवन मिशन के तहत सबसे अधिक नल कनेक्शन देने वाला भारत का पहला राज्य के रूप में उभरा है उत्तर प्रदेश उन्होंने कहा आज माता बहनों को नलों से पानी ले जाने के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ता है सरकार ने हर घर तक हर घर के दरवाजे तक कनेक्शन देने का कार्य किया है जिससे हमारी माता बहनों को लाभ मिल रहे हैं हर घर में गैस का कनेक्शन हर गरीब के कर के ऊपर छत हर गरीब को उपचार कराए जाने के लिए आयुष्मान गोल्डन कार्ड, सड़क ,बच्चों को पढ़ाई के लिए शिक्षा कोचिंग की व्यवस्था सरकार उपलब्ध कराए जाने का कार्य कर रही है भारत विकसित होने की दिशा में तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है हम अपने विरासत का सम्मान करें विरासत के संस्कृतिकों का सम्मान करें।
उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि देश में माo प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आम व्यक्ति तक सरकार की हर योजना पहुंचआये जाने का कार्य किया जा रहा है जिससे कि कोई भी व्यक्ति किसी भी योजना से किसी भी कारण से वंचित नहीं रहना चाहिए सरकार का मुख्य प्राथमिकता आम व्यक्ति तक सरकार की योजना को पहुंचना है और उसे लाभान्वित करना है उन्होंने कहा पूर्व में बिजली नहीं आती थी किसान बिजली का तार पकड़ता था तो उसे करंट नहीं लगता था लेकिन जब बिल पकड़ता था तो उसे करंट लगता था लेकिन आज की सरकार ने यह सब कुछ परिवर्तित कर दिया है आज बिल पकड़ने पर करंट नहीं लगता लेकिन तार पकड़ता है तो करंट लगता है किसानों को बिजली अधिक से अधिक उपलब्ध कराई जा रही है करोड़ों लोगों को आवास दिए जाने का कार्य किया है रोड बनवाई जाने का सरकार ने कार्य किया है और सरकार ने किसानों को नहरे के माध्यम से पानी पहुंचने का कार्य किया है किसानों को हर सुविधा दी जाएगी किसानों के हित में किसान सम्मन निधि चलाई गई है जिससे किसान को प्रति वर्ष ₹6000 की धनराशि प्राप्त होती है और आवश्यकता पड़ने पर किस उसका लाभ उठाता है उन्होंने कहा यह गांव की किसान की गरीब कि सरकार है सभी के उत्थान के लिए सभी के विकास के लिए सरकार है यह किसी जाति धर्म विशेष की सरकार नहीं यह हर गरीब की सरकार है।
सांसद डॉक्टर सत्यपाल सिंह ने जनपद बागपत के चहुमुखी विकास के लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री व राज्य सरकार के जल शक्ति मंत्री के समक्ष अपनी मांग रखी और उन्होंने कहा कि छपरौली में और काठा में यमुना घाट बनवाए जाएं बरनावा के किनारे जहां से कृष्णा नदी व हिडन नदी गुजरती है वहां भी एसटीपी प्लांट बने उन्होंने बागपत के विकास के लिए काफी मांग रखी उन्होंने बाढ़ से जो बागपत का क्षेत्र प्रभावित होता है उसे पर भी कार्य योजना बनाएं जाने के लिए मांग रखी , जिस पर माननीय मंत्रियों ने बागपत की जनता को अशास्त किया कि सांसद जी द्वारा उठाई गई मांगों को पूर्ण किया जाएगा।
इस अवसर पर बागपत प्रभारी मंत्री जसवंत सिंह सैनी ,नमामि गंगे निदेशक जी अशोक कुमार जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह सिसोदिया ,मोदीनगर विधायक मंजू, पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ,भाजपा जिला अध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय ,भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर सहित आदि उपस्थित रहे।

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