बेतिया/बिहार 30 दिसंबर।जिलाधिकारी, दिनेश कुमार राय की अध्यक्षता में आज अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत गठित जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक सम्पन्न हुयी।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2023-23, 2023-24 में प्राप्त आवंटन एवं व्यय, गत बैठक से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन, अबतक प्राप्त वादों, संगीन अपराध के मामले में भुगतान की स्थिति, नियम 15 (1) (घ) एवं नियम 11 के तहत देय राहत, विशेष लोक अभियोजक के कार्यों, पुलिस अधीक्षक, बेतिया/बगहा से प्राप्त प्रतिवेदन/मुआवजा प्रस्ताव, अनुमंडल स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आदि की समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा की गयी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी समन्वय स्थापित कर मुआवजा भुगतान से संबंधित लंबित मामलों के निष्पादन में में तेजी लाएं। ऐसी व्यवस्था करें कि 24 घंटे के अंदर पोस्टमार्टम प्रतिवेदन थानाध्यक्ष को उपलब्ध हो जाएं। इससे मामले के अनुसंधान एवं निष्पादन में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही एवं कोताही बरतने वाले संबंधित व्यक्तियों को चिन्हित किया जाय, उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के व्यक्तियों के प्रति सरकार एवं जिला प्रशासन संवेदनशील है। इस हेतु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत विभिन्न प्रावधान किये गये हैं। इन प्रावधानों के तहत मामलों का निष्पादन त्वरित गति से कराना सुनिश्चित किया जाय। पीड़ितों को ससमय राहत मुहैया हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाय।
उन्होंने निर्देश दिया कि सरकार द्वारा दी जानी वाली सुविधाओं, सहायतों आदि की विस्तृत जानकारी से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय को अवगत कराया जाय। इस हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित किया जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि पीड़ित परिवार, व्यक्तियों को ससमय न्याय दिलाना जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति का दायित्व है। साथ ही निर्दोष व्यक्ति को सजा नहीं मिले, इस हेतु भी सजग एवं सतर्क रहने की आवश्यकता है। ससमय जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने सहित समय पर प्रभावित परिवारों के बीच भुगतान की कार्रवाई हो, इसे सुनिश्चित किया जाय।
पुलिस अधीक्षक, बेतिया, अमरकेश डी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत तेजी के साथ कार्य करेंगे। पीड़ित व्यक्तियों को हर हाल में न्याय दिलाना है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरती जाय।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी थानाध्यक्ष इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे कि मामला दर्ज होते ही पीड़ित व्यक्ति का आधार नंबर, मोबाईल नंबर एवं बैंक एकाउंट नंबर संग्रह कर सुरक्षित रखेंगे ताकि त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें लाभान्वित कराया जा सके।
जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 401 लाभुकों के बीच 25319800.00 की राशि पीएफएमएस से तथा 14 लाभुकों को पेंशन मद में 850000.00 की राशि सीएफएमएस के माध्यम से दी गयी है। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2023-24 में अबतक 428 लाभुकों के बीच 22682750.00 रूपये सहायता राशि पीएफएमएस के माध्यम से प्रदान की गयी है। 66 लाभुकों सहित 15 पेंशनर के बीच नवंबर 2023 तक पेंशन मद में अबतक 3291000.00 रूपये का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में गत बैठक के उपरांत कुल-72 मामले आये हैं। जिनमें से 43 मुआवजा मामलों को स्वीकृति प्रदान करते हुए 39 लाभुकों को भुगतान कर दिया गया है। शेष मामले में भुगतान हेतु अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।
जिला कल्याण पदाधिकारी पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि नियम-11 के उप नियम-11 (1) एवं 11 (3) के तहत अपराध के अन्वेषण, सुनवाई या विचारण के दौरान यात्रा भत्ता एवं दैनिक भरण-पोषण देने का प्रावधान है। वितीय वर्ष 2023-24 में अबतक कुल-14 गवाहों को यात्रा भत्ता एवं दैनिक भरण पोषण भत्ता का भुगतान किया गया है।
इस अवसर सदस्यगण अनिल कुमार राम, अजय कुमार एवं अन्य माननीय सदस्यगण सहित उप विकास आयुक्त, अनिल कुमार, अपर समाहर्ता, राजीव कुमार, एसडीएम, बेतिया, विनोद कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी, कमलेश कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, सुजीत कुमार एवं अन्य संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

