सारण/ छपरा 21 दिसम्बर। सोनपुर मेला क्षेत्र के संगत ग्रांड भवन के सभागार में इमर्जिंग सिटी सोनपुर ए ब्रांड इन मेकिंग विषय पर सोनपुर योजना क्षेत्र प्राधिकारण के विकास हेतु आयोजित पैनल टॉक में आमंत्रित मेहमानों के द्वारा विचार प्रकट किया गया।
पैनल टॉक का शुभारंभ आगंतुकों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम, सुमित कुमार के द्वारा सोनपुर योजना क्षेत्र प्राधिकारण पर चर्चा प्रारंभ कि गयी। बताया गया कि सोनपुर गंडक और गंगा के किनारे बसा बिहार के सारण जिले में स्थित है। यहां रेलवे, सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यह हाजीपुर से लगभग 3 किमी, पटना से 25 किमी और छपरा से 65 किमी दूर है। सोनपुर तीन नदियों – गंगा, गंडक और घाघरा के संगम के लिए भी प्रसिद्ध है।
प्रशासनिक दृष्टि से, सोनपुर सारण जिले का एक उप-विभाग है। यह एक नगर पंचायत भी है। बिहार सरकार ने 31 जनवरी 2023 को सोनपुर योजना क्षेत्र प्राधिकरण को अधिसूचित किया। बिहार शहरी योजना और विकास, अधिनियम 2012 की धारा 9 के साथ पठित बिहार शहरी और योजना और विकास नियम 2014 के नियम 9 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सरकार ने एकीकृत एवं नियोजित विकास के उद्देश्य से बिहार ने योजना क्षेत्र अधिसूचित किया। योजना क्षेत्र प्राधिकारण में सोनपुर नगर पंचायत और शहरीकरण की संभावना वाले अन्य आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। सरकार ने 20 वर्ष या उससे अधिक अवधि के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है। योजना क्षेत्र में सोनपुर, दिघवारा और दरियापुर ब्लॉक शामिल हैं और इसमें कुल 155 सीडी ब्लॉक (गांव) शामिल हैं। बिहार सरकार ने आसपास के क्षेत्रों के मास्टर प्लान और अन्य विकास योजनाओं को तैयार करने के लिए सारण के जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में सोनपुर योजना क्षेत्र प्राधिकरण का गठन किया है।
पैनल टॉक में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल प्रधान सचिव अर्बन डेवलपमेंट एंड हाउसिंग डिपार्मेंट संतोष कुमार मल्ल ने सोनपुर शहर को आधुनिक शहर के रूप में परिणत करने हेतु अपने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। पैनल टॉक के क्रम में बताया गया कि सोनपुर योजना क्षेत्र के जीआईएस आधारित मास्टर प्लान की तैयारी के लिए कंसल्टेंसी फर्म के चयन के लिए प्रस्ताव का अनुरोध प्रकाशित किया गया है। बताया गया कि शहरी डिजाइन, इंटीरियर डिजाइन और लैंडस्केप आर्किटेक्चर में निपुण अनुभव वाले वास्तुशिल्प फर्मों और योजनाकारों का निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए वे स्वागत करते हैं।
सोनपुर योजना क्षेत्र के कार्यों कि जानकारी देते हुए बताया गया कि जे.पी. सेतु से मेट्रो रेल हेतु स्थान का प्रावधान। टेक्नो पार्क, एजुकेशनल हब और मेडिसिटी का प्रावधान है। मनोरंजन, फिल्म सिटी और मनोरंजन एवं वाटर पार्क के लिए स्थान का प्रावधान, पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित क्षेत्र और बफर जोन और जल निकायों के साथ लगभग 30-55% हरित क्षेत्र के वृक्षारोपण क्षेत्रों का प्रावधान किया जाना है। इंटरनेट, पेयजल, सीसीटीवी कैमरे, अलार्म, सिटी गैस, तूफान जल निकासी, भूमिगत उच्च वोल्टेज विद्युत केबल आदि के लिए यूटिलिटी डक्ट कॉरिडोर।
योजना क्षेत्र के अंदर साइक्लिंग ट्रैक सहित सेवा, रैखिक और रिंग रोड का प्रावधान। एक अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम, खेल परिसर, खेल प्रशिक्षण केंद्र, बहुउद्देशीय हॉल आदि का प्रावधान।गैर-प्रदूषणकारी उद्योग और ट्रांसमिशन पावर स्टेशन कि स्थापना। आईटी और अल पार्क और सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी पार्क) का निर्माण। नर्सरी, वृक्षारोपण, बागवानी आदि के साथ हरित क्षेत्र। महिलाओं से संबंधित प्रशिक्षणों पर विशेष ध्यान देते हुए स्किल सिटी का प्रावधान,विमानन अवसंरचना हेतु प्रावधान। जैविक खाद्य और सब्जी बाजार केंद्र/भंडारण क्षेत्र और रसद।लॉजिस्टिक पार्क, भंडारण और अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों से कनेक्टिविटी, कल्लू घाट टर्मिनल।अधीनस्थ न्यायालय,आधिकारिक परिसर और आधिकारिक आवासीय क्षेत्र, शासकीय एवं राजकीय अतिथि गृह हेतु आवासन कि व्यवस्था, फायर स्टेशन और आधुनिक पुलिस स्टेशन। त्वरित आपदा प्रबंधन केंद्र। आवासीय क्वार्टरों और सुविधाओं के साथ सोनपुर योजना क्षेत्र प्राधिकरण का कार्यालय स्थान। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सिटी सेंटर, मॉल, मल्टीप्लेक्स, ऑडिटोरियम, प्लाजा, फूड कोर्ट, शोरूम और अन्य आउटलेट पॉइंट। ग्रामीण एवं धार्मिक पर्यटन के विकास के साथ-साथ हाट एवं ग्रामीण विपणन केन्द्र। हवाई अड्डे के टर्मिनल से दूर ऊंची आवासीय इमारतें/अपार्टमेंट, आवासीय विकास भूखंड। फार्मा एवं चिकित्सा उपकरण हब केन्द्र।चिकित्सा अपशिष्ट उपचार सुविधाओं सहित अपशिष्ट प्रबंधन। धार्मिक परिसरों, गुरुद्वारा, मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि के लिए आवंटन। खेल के मैदान और शैक्षणिक संस्थान।जेटीज़/मरीना सहित नदी किनारे जल क्रीड़ा गतिविधियाँ।
यातायात/सुरक्षा, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं जैसे ट्रॉमा केयर और अन्य प्रशासनिक सहायता के लिए नगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिए केंद्रीकृत कमांड सेंटर साथ ही ताजा नदी मछली लैंडिंग स्टेशन, घाट और कोल्ड स्टोरेज आदि के विषय में चर्चा कि गयी। पैनल टॉक में दर्शक दीर्घा के द्वारा भी प्रश्न पूछे गये जिसका जबाब पैनल मेम्बर्स के द्वारा दिया गया। फाइनल टॉक में प्रभात कुमार सिंह अध्यक्ष आई सी सी बिहार स्टेट, कुमार विजय प्रतिष्ठित लेखक एवं इतिहासकार, रेरा के सदस्य एस डी झा,विष्णु चौधरी भूतपूर्व प्रेसिडेंट आर्किटेक्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया बिहार चैप्टर तथा अक्षय शर्मा अर्बन प्लानर शामिल थे। अंत में कार्यपालक पदाधिकारी सोनपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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