गढ़वा/झारखंड 24 नवंबर।अबुआ आवास योजना के विषय पर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया, जहां उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय द्वारा राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अबुआ आवास योजना के विषय पर कार्यशाला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि “आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम अंतर्गत दिनांक- 24.11.2023 से 26.12.2023 तक प्रत्येक पंचायत में आयोजित होने वाले शिविर में योग्य परिवारों से अबुआ आवास योजना के लिए आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। योजना का लाभ लेने हेतु योग्य लाभुक आवेदन पत्र पंचायत या प्रखंड कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। योग्य परिवार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक खाता एवं जॉब कार्ड की छाया प्रति समर्पित करेंगे। इस दौरान उन्होंने अबुआ आवास योजना की विशेषताएं बताते हुए कहा कि कच्चा मकान एवं आवास विहिन परिवारों को पक्का आवास का लाभ देने हेतु अबुआ आवास योजना का शुभारंभ झारखंड सरकार द्वारा किया गया है। इस योजना अंतर्गत न्यूनतम 31 वर्ग मीटर में तीन कमरे एवं स्वच्छ रसोईघर का आवास निर्माण किया जाएगा। योजना अंतर्गत घरों को अनिवार्य रूप से परिवार की महिलाओं के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा। महिला की मृत्यु अथवा नहीं होने की स्थिति में परिवार के मुखिया के नाम पर आवास पंजीकृत किया जा सकता है। अबुआ आवास योजना के तहत प्रति यूनिट आवास की सहायता राशि ₹02 लाख रुपये होगी। अभिसरण के माध्यम से शौचालय निर्माण का प्रावधान है। साथ ही मनरेगा के तहत अधिकतम 95 मानव दिवस अकुशल मजदूरी भुगतान करने का प्रावधान है। लाभार्थियों को सहायता राशि का भुगतान केवल आधार से जुड़े हुए उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाएगा।
कार्यशाला में प्रशिक्षण समन्वयक रानी द्विवेदी ने योजना से जुड़े लाभ एवं पात्रता रखने वाले लाभुकों की जानकारी देते हुए बताया कि कच्चे घरों में रहने वाले परिवार, आवास विहीन एवं निराश्रित परिवार, विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के परिवार प्राकृतिक आपदा के शिकार परिवार, कानूनी तौर पर रिहा किए गए बंधुआ मजदूर, वैसे परिवार जिन्हें राज्य सरकार अथवा केंद्र सरकार द्वारा संचालित आवास योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना, बिरसा आवास योजना, इंदिरा आवास योजना इत्यादि का लाभ नहीं दिया गया हो, वैसे लाभुकों को अबुआ आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। इस आवास योजना का निर्माण लाभार्थी स्वयं अपने परिवार के सदस्यों की सहायता से करेंगे। आवास निर्माण में किसी भी बिचौलियों को शामिल नहीं किया जाएगा और बिचौलिए का प्रवेश पूर्णता निशिद्ध रहेगा।
कार्यशाला में प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना के लिए पात्रता रखने और नहीं रखने वाले लाभुकों की भी जानकारी दी गई। साथ ही सरकार आपके द्वार के अंतर्गत आयोजित शिविरों में अबुआ आवास योजना के तहत विहित प्रपत्र में ही आवेदन प्राप्त करने की बात कही। विहित प्रपत्र में आवेदन भरने एवं उसके जांच करने संबंधी प्रक्रियाओं के संबंध में बताया गया। बताया गया कि वैसे परिवार जिन्हें पूर्व से पक्का मकान अथवा राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा संचालित आवास योजना का लाभ मिल चुका हो, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही वैसे परिवार जिनके पास चार पहिया वाहन है, या मछली पकड़ने वाली नाव रखते हो, वैसे परिवार जिनके पास तीन पहिया या चार पहिया वाले कृषि उपकरण हो, वैसे परिवार जिनका कोई सदस्य सरकारी या अर्ध सरकारी (सेवारत या सेवानिवृत्त) नौकरी में हो, जिस परिवार का कोई सदस्य चुनाव द्वारा जनप्रतिनिधि चयनित किया गया हो, जिस परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता हो, जिस परिवार या परिवार का कोई सदस्य व्यावसायिक करदाता हो, वैसे परिवार जिनके पास रेफ्रिजरेटर हो, वैसे परिवार जिनके पास 2.5 एकड़ या इससे ज्यादा सिंचित भूमि न्यूनतम एक सिंचाई उपकरण के साथ हो, वैसे परिवार जिनके पास 05 एकड़ या ज्यादा सिंचित भूमि हो, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता है।
सरकार आपके द्वार में शिविर के दौरान आमजनों से अबुआ आवास हेतु प्राप्त आवेदनों को पोर्टल पर निश्चित तौर पर अपलोड किये जाने की बात कही गई। उक्त कार्यशाला में उपरोक्त के अलावे जिला परिषद की अध्यक्ष शांति देवी, निदेशक डीआरडीए दिनेश प्रसाद सुरीन, डीएलएओ एज़ाज़ अनवर, अन्य वरीय पदाधिकारी, जिला समन्वयक आवास योजना समेत जेएसएलपीएस के डीपीएम एवं जेएसएलपीएस के प्रखंड स्तर के पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थें।

