ज़ी थिएटर प्रस्तुत करता है मार्मिक मराठी क्लासिक जो वहां से शुरू होता है जहां महाभारत की होती है समाप्ति।
मुस्कान पीआर 24×7\20 नवंबर।नाटककार और निर्देशक रत्नाकर मटकरी की कालजयी मराठी रचना ‘आरण्यक’ कुरुक्षेत्र की लड़ाई के बाद के उस दौर को दर्शाती है जब युधिष्ठिर हस्तिनापुर के राजा बन चुके थे और कौरवों का विनाश हो चुका था। नाटक उस दुःख को मार्मिक रूप से चित्रित करता है जिसे दिल में लिए धृतराष्ट्र, अपने अतीत को पीछे छोड़ , अपनी पत्नी गांधारी और अपने सौतेले भाई और सलाहकार विदुर के साथ, अपना शेष जीवन वन में बिताने के लिए चल देते हैं । पांडवों की माता कुंती भी उनके साथ हो लेती हैं और फिर सभी पात्र खुद को जानने की कोशिश करते हैं और ये भी कि युद्ध में उन्होंने क्या खोया और क्या पाया।
टेलीप्ले में दिलीप प्रभावलकर, रवि पटवर्धन और प्रतिभा मटकरी हैं।जिसका 22 नवंबर को एयरटेल थिएटर, डिश टीवी रंगमंच एक्टिव, और डी2एच रंगमंच एक्टिव पे होगा प्रसारण।


ज़ी थिएटर प्रस्तुत करता है मार्मिक मराठी क्लासिक जो वहां से शुरू होता है जहां महाभारत की होती है समाप्ति।