नई दिल्ली/राहुल ढींगरा 18 नवंबर।आज की आधुनिक जीवनशैली और हमेशा दूसरों से बेहतर बने रहने की जद्दोजहद के बीच लोगों के अंदर एक अलग तरह की होड़ मची हुई है। इसी वजह से चाहे लड़के हों या लड़कियां, पुरुष हों या महिलाएं, तरक्की और पैसे के पीछे भाग रहे हैं। करियर बनाने और पैसा कमाने की लंबी दौड़ में लोगों ने अपने परिवार और बच्चों की अवधारणा को गौण बना दिया है। ऐसे में सवाल ये है कि माता-पिता बनने की सही उम्र क्या है? क्या आपने देर तो नहीं कर दी? आशा आयुर्वेदा की सीनियर फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. चंचल शर्मा बताती है कि एक बच्चा पैदा करने के लिए औरत की सही उम्र क्या होनी चाहिए। इसका पता तब चलता है जब डॉक्टर आपसे कहता है कि आप मां नहीं बन सकते या आप पिता नहीं बन सकते।
डॉ. चंचल कहती है कि आजकल ज्यादातर महिलाएं 30 साल की उम्र में अपने पहले बच्चे को जन्म देती हैं। लेकिन अब कई लोग 30 साल की उम्र में ही शादी होती हैं। इसके बाद ही लोग बच्चे पैदा करने की योजना बनाते हैं। हालाँकि, कई बातें शारीरिक स्थितियों और जीवनशैली पर निर्भर करती हैं कि किसी को बच्चे होंगे या नहीं। कुछ लोगों को देर से बच्चा होने पर भी कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन कई महिलाओं को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ता हैं।
उनका कहना है कि बायोलॉजी क्लॉक के हिसाब से देखें तो एक लड़की या महिला 12 से 51 साल की उम्र के बीच मां बन सकती है। इसका मतलब यह है कि कोई भी लड़की मासिक धर्म आते ही बच्चे पैदा करने में सक्षम हो जाती है और जब वह मेनोपॉज तक पहुंचती है यानी जब उसके मासिक धर्म समाप्त हो जाते हैं, जब उसकी उम्र 51 से 55 वर्ष के बीच होती है, तब वह गर्भवती नहीं हो सकती है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एक महिला के लिए बच्चे पैदा करने की सही उम्र 20 से 30 साल की होती है। जैसे-जैसे लड़की बड़ी होती है, उसकी बच्चे पैदा करने की क्षमता कम होने लगती है।
डॉ. चंचल का कहना है कि महिलाएं लगभग 20 लाख अंडों के साथ पैदा होती हैं। 37 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते एक महिला के पास केवल 25 हजार अंडे ही बचे होते हैं। और जब बच्चा 51 साल का हो जाता है तब तक केवल 1 हजार अंडे ही बचे होते हैं। जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती है, उसके अंडों की गुणवत्ता भी कम होती जाती है। और लड़की बड़ी होती जाती है, उसकी बच्चे पैदा करने की क्षमता कम होने लगती है। उदाहरण के तौर पर एंडोमेट्रियोसिस और ट्यूबल ब्लॉकेज भी बढ़ने लगते हैं। 32 साल की उम्र के आसपास आपकी प्रजनन क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। किसी भी महिला की प्रजनन क्षमता 35 से 37 साल की उम्र के बीच तेजी से कम होने लगती है। बढ़ती उम्र के साथ गर्भधारण करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
ऐसा कितने मामले आशा आयुर्वेदा में देखने को मिले जहां 23 साल से 30 साल की महिलाओं को उन्हें इनफर्टिलिटी का सामना भी करना पड़ता है। जिन महिलाएं 30 या 32 साल की हैं और गर्भधारण के बारे में सोच रही हैं और 6 महीने की कोशिश के बाद भी गर्भवती नहीं हो रही हैं, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डॉ. चंचल कहती है कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। आपको प्रेग्नेंट होना है या नहीं यह आपका फैसला होना चाहिए। क्योंकि आयुर्वेद में कहा जाता है कि एक परिवार शुरू करने के लिए सबसे जरूरी चीज है कि आप शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से मजबूत हों। अगर आपका शरीर, जीवनशैली स्वस्थ है और पौष्टिक आहार लेते है तो कंसीव करने के संभावना हो सकती है। जैसे एलोपैथी साइंस में आईवीएफ एक रास्ता है वैसे ही आयुर्वेद में प्राकृतिक उपचार भी संभव है।


