पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 13 नवम्बर। राजधानी पटना समेत सूबे में दीपों का त्योहार दीपावली हर्षोल्लास एवं पारंपरिक तरीके से मनाया गया। दीपों और तरह-तरह के सीरीज बल्ब से पूरा जहां जगमगाता रहा। वहीं पङाकों की धूम-धड़ाक से माहौल गूंजायमान हो गया। इस अवसर पर लोगों ने घरों में तथा पूजा स्थलों में दीप जलाये एवं वंदना की। महिलाओं ने तुलसी के पौधों के पास भी दीप जलाये। लोगों ने अपने घरों में मां लक्ष्मी एवं विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा अर्चना की। ऐसी मान्यता है कि दीपावली के दिन माॅ लक्ष्मी घरों में प्रवेश करती हैं।
इसीलिए लोग दीपावली के अवसर पर घरों की साफ सफाई करते हैं और रात में दीप जलाकर माॅ लक्ष्मी का अभिनंदन करते हैं। लोकोक्ति के अनुसार लंका पर विजय हासिल करने के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में लोगों ने उनके स्वागत में घरों में घी के दीये जलाये थे। आज भी लोग उसी का अनुसरण करते हैं। दीवाली में पङाकों की घूम रही। दीयों और पङाकों से धरती से लेकर आसमान तक जगमग होते रहे। रॉकेट और आसमानी से आकाश जगमगाते रहे।
लड़कियों और युवतियों ने तरह-तरह के आकर्षक घरौंदे बनाये। घरौदों मे पूजा की तथा कुल्हिया- चुकिया भरा। धान का लावा, फरही (मुर्ही), चीनी मिठाई एवं लड्डू का प्रसाद मिट्टी के छोटे-छोटे बर्त्तनों में भर कर परिजनों को दिया और उनसे आशीर्वाद लिया। दीपावली को लेकर बाजार गुलजार रहे। बाजारों की रौनक देखते ही बन रही थी। बाजार में तरह-तरह की मिठाइयों, पङाकों, लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, तरह-तरह के सजावट के सामानों, माला, मोमबत्ती, मिट्टी के खिलौनों, दीयों, बिजली के तरह-तरह के आकर्षण सीरीज बल्ब एवं अन्य प्रकार के लाइट आदि से बाजार पटे रहे।
घरों के मुख्य द्वार पर तरह-तरह के आकर्षण रंगोली, सीरीज बल्ब एवं तोरण लगाकर घरों को सजाया गया । इससे घरों की सुंदरता में चार चांद लग गये।सीरीज बल्ब,मोमबत्ती और दीयों से घर जगमगाते रहे। लोगों ने एक दूसरे से मिलकर दीपावली की बधाई दी। लोगों को दीयों की तरह जगमगाते रहने तथा उनके सुखी एवं समृद्धि की कामना की।



