शैक्षणिक अवस्था में मासूमों द्वारा व्यवसाय का दृश्य करता है, हमे शर्मशार: क्यामुद्दीन अंसारी
आरा/भोजपुर 10 नवंबर। आज धनतेरस पर्व पर भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य सह पूर्व आरा विधानसभा प्रत्यासी कयामुद्दीन अंसारी ने बाजारों में खरीदारी की भीड़ के बीच दो मासूम नाबालिगों को लोगो के घर को रौशन करने के लिए दीपों के लिए बाती बेचते हुए एक मार्मिक फोटो साझा करते हुए उक्त नौनिहालों के भविष्य के प्रति चिंता जाहिर करते हुए बताया की जहां पूरा देश पर्व त्योहारों में अपने परिवार ,बच्चों और समाज के साथ प्रकाशपर्व दीपावली को मना रहा है वही ये मासूम इन खुशियों से इतर शैक्षणिक अवस्था में अपने घर परिवारों की ज़िम्मेदारी के लिए सामान बेचते नजर आ रहे हैं

जो काफी मार्मिक है और हमारे समाज ,बाल संरक्षण के लिए बनी कई स्वयं सेवी संस्थाओं और सरकारों द्वारा बाल श्रम के विरोध में बने कानूनों पर करारा तमाचा है जिसका जवाब हमारे पास नही है।
कयामुद्दीन अंसारी ने कहा की समाज में दिख रही ऐसी मार्मिक तस्वीरों पर हमें विचार करने की जररूत है और अपने आप इसका जवाब भी ढूढना होगा की आखिर इसका दोषी कौन है?




शैक्षणिक अवस्था में मासूमों द्वारा व्यवसाय का दृश्य करता है, हमे शर्मशार: क्यामुद्दीन अंसारी