आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 नवंबर।आज 8 नवंबर को महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय में 7 नवंबर को छात्राओं द्वारा शिक्षकों एवं प्रधानाचार्या के साथ की गयी हिंसक घटना के विरोध में महाविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया।
ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय सत्र नियमित करने के उद्देश्य लगातार एक के बाद एक परीक्षा आयोजित कर रहा है। महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय के पास पर्याप्त संसाधन ,शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की भारी कमी है। महाविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय को बार – बार अवगत कराने के बाद भी इन समस्याओं का समाधान नहीं निकल पा रहा है। संसाधनों की कमी के चलते परीक्षा के दिन बहुत अधिक संख्या में छात्राएं एकत्रित हो गयीं, जिसका लाभ उठाते हुए महाविद्यालय की कुछ छात्राओं,छात्र नेताओं और अराजक तत्वों द्वारा महाविद्यालय परिसर में प्रधानाचार्या और एक शिक्षिका पर सुनियोजित ढंग से जानलेवा हमला किया गया ।
जिसमें हिंदी विभाग की शिक्षिका डॉ. अंजू कुमारी की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए व पथराव किया गया।जिसमें उनके ड्राइवर को भी चोट आयी है ।प्रधानाचार्या ने बताया कि हिंसा में शामिल छात्राओं और अराजक तत्वों के विरुद्ध एफआईआर स्थानीय थाने में दर्ज कर दी गयी है और उपलब्ध वीडियो और फोटो के आधार पर प्रशासन शीघ्र ही उन पर कार्रवाई करेगा।
शिक्षकों द्वारा प्रधानाचार्या के साथ हुई मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि जब तक हिंसा में शामिल अराजक तत्त्व और छात्राओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती और प्रशासन द्वारा उचित सुरक्षा प्रबंध करते हुए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कॉलेज गेट पर नहीं की जाती तब तक महाविद्यालय के शिक्षक दीपावली और छठ पर्व के बाद आयोजित होने वाली आंतरिक अथवा बाह्य किसी भी परीक्षा में सहयोग नहीं करेंगे ।छात्राओं द्वारा किए किसी भी दुर्व्यवहार व मनमानी को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे।इसकी जानकारी महिला महाविद्यालय शिक्षक संघ की अध्यक्ष द्वारा कुलपति ,रजिस्ट्रार, एग्जाम कंट्रोलर और वकुटा अध्यक्ष को दे दी गई है।
विरोध प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों ने काली पट्टी बाँधकर छात्राओं और अराजक तत्त्वों द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के विरोध में रोष व्यक्त किया।

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