बागपत/उत्तर प्रदेश 29 अक्टूबर।महर्षि वाल्मीकि वैदिक काल के महान ऋषियों में सम्मिलित है। महर्षि बाल्मीकि को आदि कवि के नाम से भी जाना जाता है, उनके द्वारा रचित विश्व प्रसिद्ध कालजयी कृति रामायण महाकाव्य सामाजिक, मानवीय एवं राष्ट्रीय मूल्यों की स्थापना का आदर्श है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा अपने ग्रंथ में वर्णित स्थल जिन्हें राम जानकी मार्ग, राम वन गमन मार्ग आदि के रूप में जाना जाता है। ऐसे लगभग 280 स्थल आज भी सम्पूर्ण भारत में विद्यमान हैं। उत्तर प्रदेश में राम जानकी मार्ग, राम वन गमन मार्ग के अन्तर्गत अनेक स्थल विद्यमान है, जहां पर भारतीय संस्कृति के मूल तत्त्व एवं मान्यताएं आज भी सुरक्षित हैं। ऐसे महान महर्षि वाल्मीकि की जयन्ती को सम्पूर्ण प्रदेश में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने समस्त जनपद वासियों को आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं दी और जनपद के चयनित स्थलों पर भव्य रूप से जिलाधिकारी के निर्देशन में कार्यक्रम भी आयोजित किए गए जिसमें ग्राम पंचायत में कार्यक्रम खंड विकास अधिकारी के पर्यवेक्षण में किए गए जबकि नगरीय क्षेत्र में समस्त अधिशासी अधिकारियों ने कार्यक्रम कराए गए जनपद में छह विकासखंड की चयनित ग्राम पंचायतो में बिनोली,बरनावा,चिरचिटा,बिजवाड़ा,आदमपुर,ढिकाना ,बड़का,जोनमाना,जौहड़ी ,बुड़पुर, मिलना,मवीकला,किरठल, ढिकोली,पिलाना,बदरखा, सहित आदि गांव में बाल्मीकि जयंती का उत्सव मनाया गया इसी के क्रम में नगरीय क्षेत्र बागपत ,बड़ौत, खेकड़ा, छपरौली के बाल्मीकि मंदिर ,दोघट ,टिकरी, अग्रवाल मंडी टटीरी, रटोल ,अमीनगर सराय सहित आदि मंदिरों पर बाल्मीकि जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए श्री राम मंदिर, हनुमान मंदिर या वाल्मीकि मंदिर में से किसी एक मंदिर में रामायण का पाठ किया गया जिसमें अधिक से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। महर्षि वाल्मीकि से सम्बन्धित स्थलों/मंदिरों आदि पर दीप प्रज्वलन / दीपदान के साथ-साथ वाल्मीकि रामायण का पाठ किये गए।
श्री राम व श्री हनुमान तथा रामायण से सम्बन्धित अन्य महत्वपूर्ण चयनित स्थलों / मंदिरों पर भक्तिमय सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ रामायण पाठ /भजन आदि के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
