आरा/भोजपुर 24 अक्टूबर।विजयदशमी के पावन अवसर पर रेड क्रॉस सोसायटी के ब्लड सेंटर पर खुद पहुंच कर चिकित्सक लायन डॉक्टर संजीव पांडेय ने स्वैक्षिक रक्तदान किया। यह प्रतिवर्ष तीन चार बार रक्तदान स्वयं करते हैं।
बताते चलें कि डॉक्टर संजीव पांडेय वरीय चिकित्सक स्मृति शेष डॉक्टर बीडी पांडे के सुपुत्र है।
उनकी पत्नी डॉक्टर नीलिमा पांडे भी चिकित्सक है। वर्षों से रेड क्रॉस से जुड़कर रक्तदान करते आ रहे हैं। इस मौके पर रेड क्रॉस की सचिव डॉ विभा कुमारी,पूर्व सचिव डा दिनेश प्रसाद सिंहा उपस्थित रहे। एक प्रश्न के जवाब में डॉक्टर पांडेय ने कहा कि लोगों में ब्लड डोनेशन के प्रति शिक्षा का अभाव है जिससे जागरूकता नहीं हो रही है। एक मनोवैज्ञानिक धारणा है कि खून देने से शरीर कमजोर हो जाएगा जबकि इस तरह की कोई बात नहीं है। सच्चाई है कि एक सौ पैंतीस दिनों के बाद ब्लड सेल्स मृत हो जाते हैं। इसलिए इसे दे देने से किसी का भला हो जाएगा, जान बचाने के काम आयेगा। इन्होंने बताया कि मैं एक सौ बार से भी ज्यादा रक्तदान कर चुका हूं। सामाजिक कार्यों में मेरी रुचि है।शिवम हॉस्पिटल कतीरा के माध्यम से भी जरूरत मंदों की सेवा का कार्य चलते रहता है। उन्होंने लोगो से अपील करते हुए रक्तदान करने की बात कही।

