आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 19 अक्टूबर।शहर के रामलीला मैदान में चल रहे दस दिवसीय रामलीला के पांचवे दिन का मंचन हुआ।इस दौरान वृंदावन की मंडली द्वारा धनुष प्राप्ति, धनुष यज्ञ, रावण वाणासुर संवाद, धनुष भंग, परशुराम लक्ष्मण संवाद की प्रस्तुति दी। कलाकारो की प्रस्तुति को देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये। रामलीला को देखने के लिए महिला-पुरुषो की भारी भीड़ उमडी रही। इसके पूर्व रामलीला का शुभारंभ नगर रामलीला समिति की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह, संरक्षक मंडल के डॉ. कुमार द्विजेंद्र एवं जिले के विभिन्न इलाकों के शिक्षाविदो समेत अन्य ने संयुक्त रूप से भगवान की आरती कर किया। इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत रामलीला समिति की अध्यक्ष, सचिव आदि ने पट्टिका पहना कर किया। सम्मानित होने वाले शिक्षाविदों में निदेशक नंदकिशोर पांडेय, अविनाश कुमार, विनोद साह, चंदन कुमार, दंत चिकित्सक डॉ. विवेक राज, वार्ड पार्षद चंदन कुमार, निदेशक पप्पू सिंह, हेमंत कुमार यादव, आनंद कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार, लाल बिहारी सिंह, शीला पांडेय, ऋषि जी, ललित विजय, संगीत शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, अनिकेत कुमार, खेल शिक्षक कन्हैया सिंह, करणी सेना के संजीव सिंह सोलंकी, दंत चिकित्सक डॉ. अभिषेक, गायनोकोलाजिस्ट डॉ. राखी, अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण राय, राम सुरेश सिंह, बिहार बार काउंसिल के अध्यक्ष सुदामा राय, कवि जनार्दन मिश्रा आदि थे। नगर रामलीला समिति की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने बताया की प्रतिदिन संध्या साढे पांच बजे से रात्रि साढ़े नौ बजे तक रामलीला का आयोजन हो रहा है।
शहर तथा आसपास के लोग रामलीला का आनंद उठा रहे है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की आप अपना बहुमूल्य समय निकाल कर भगवान की भक्ति में लगाये। इस अवसर पर रेडकाॕस की सचिव डॉ. विभा कुमारी, प्रेम कुमार, सचिव शंभूनाथ प्रसाद, कोषाध्यक्ष मदन प्रसाद, उपाध्यक्ष शंभू केसरी, दिलिप कुमार गुप्ता, सह कोषाध्यक्ष विष्णु शंकर, समिति के वरीय सलाहकार मेजर राणा प्रताप सिंह, संजीव कुमार पांडेय, अश्विनी कुमार, अवधेश कुमार पांडेय, राम कुमार, चौधरी सुरेश सिंह, योगेन्द्र सिंह, राजेश कुमार, जय प्रकाश उर्फ बुटाई जी, संजीव सिन्हा, ओपी कश्यप, अनिल राज, निर्मल सिंह, कन्हैया जी, मिथलेश कुमार, राकेश कुमार (शिक्षक), मुन्ना सिंह, मनोज सिंह के अलावे समिति के सभी संरक्षक मंडल, तेजस एवं सनातनी सेना के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
शुक्रवार को रामलीला में राम सीता विवाह, कन्यादान, सीता विदाई, राम वनवास,कैकयी-मंथरा, कैकयी-दशरथ संवाद, वनगमन का मंचन होगा।
