गोपालगंज/बिहार 16 अक्टूबर। राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष शंभू कुमार सुमन द्वारा समाहरणालय सभागार में अनुसूचित जनजाति के विकास एवं इस समुदाय के लोगों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के संदर्भ में अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उक्त समीक्षा बैठक में जनजातिय मामलों के विशेषक प्रमोद कुमार सिंह एवं आयोग के सदस्य महेश्वर काजी ने सहभागिता प्रदान की। समीक्षा बैठक में अध्यक्ष श्री सुमन के द्वारा कहा कि आवाजविहीन समुदाय ’अनुसूचित जनजाति’ के विकास पर अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनकी समस्याओं की जानकारी एकत्र करना एवं उनका त्वरित निष्पादन के लिए पहल किया जाना अत्यावश्यक है। अध्यक्ष ने इस बात पर प्रसन्नता जतायी कि जिले में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत अनुसूचित जनजाति के 1212 बच्चे निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और इसके लिए निजी विद्यालयों के कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत काम की मांग करने वाले 5187 जाॅब कार्डधारियों को प्रर्याप्त काम नहीं मिल रहे है। अतएव उनके काम के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता है।
एक लाख से अधिक अनुसूचित जनजाति आबादी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के के अवसर बढ़ाने के निमित्त जिले में आवासीय विद्यालय की आवश्यकता के संदर्भ में जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि यथाशीघ्र जमीन की व्यवस्था कर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्ताव समर्पित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि अत्याचार से संबंधित हत्याकांड मामलों में अभियुक्तों की पहचान एवं दंडित करने के फैसले आने पर अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम/नियमावली के तहत मुआवजा के भुगतान हेतु कार्रवाई की जाएगी।
