आरा/भोजपुर 15 अक्टूबर।श्री हनुमत संगीतालय बडी मठिया के तत्वावधान में शास्त्रीय गायक पंडित देवनंदन मिश्रा का पांचवा स्मरण दिवस शास्त्रीय संगीत समारोह के रूप में आईडीएम पब्लिक स्कूल आरा में मनाया गया।समारोह का उद्घाटन प्रवचनकर्ता आचार्य भारत भूषण जी महाराज ने किया।लोग इन्हें श्रद्धा से लोग इन्हें गुरु जी कहते थे।गुरु जी के प्रति श्रद्धा निवेदित करते हुए आचार्य भारत भूषण ने कहा कि गुरु जी आजीवन अपने शिष्यों को गायन के प्रति निष्ठावान रहने,अनवरत अभ्यास करने की प्रेरणा देते रहे। कई प्रशिक्षित गायक उनके नक्शे कदम पर चलकर प्राचीन भारतीय विद्या को जीवंत बनाए हुए हैं।
मुख्य अतिथि के रूप में स्नातकोत्तर भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पांडे ने कहा कि गुरु जी के जीवन वृत्त को विस्तार से रखा। गुरुजी महान संगीत वेत्ता थे जो अपनी छोटी सी कुटिया में शिष्यों को प्रशिक्षण देते थे। विशिष्ट अतिथि डा दिनेश प्रसाद सिन्हा ने कहा कि गुरुजी अनवरत शिष्यों को संगीत की शिक्षा देकर अमरत्व प्राप्त की।
समारोह की शुरुआत बाल कलाकार आनंद राज और आकाश राज के गीतों से हुआ। तत्पश्चात वाराणसी से आए बांसुरी वादक अखिलेश तिवारी ने राग दुर्गा,यमन और पायोजी मैंने राम रतन धन पायो भजन सुनाया ।
तबले पर अमन कुमार पांडे रहे।पंकज राजा ने राग भैरवी ,रितेश कुमार मिश्रा ने राग बिहार, सुधीर कुमार ने आरती वंदन ‘गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
संगीतालय के केंद्राधीक्षक ब्रजेंद्र कुमार मिश्रा ने राग शुद्ध सारंग में कई कर्णप्रिया गीतों को सुनाया। तत्पश्चात ‘हरि बिन तेरो कौन सहायी’ कहरवा ताल में गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राकेश कुमार मिश्रा ने राग मालकोश,डिंपल कुमारी ने राग दरबारी और मियां मल्हार,शांभवी ने राग जौनपुरी गाया। सुकृति कुमारी ने ‘हर घड़ी याद तेरी आए ‘भजन और गजल गाया ।तबले पर संगत चंद्र मोहन ओझा,मंच संचालन जनार्दन मिश्रा ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन संगीतालय के प्राचार्य ने किया।
इस अवसर पर विकास बक्शी, महेश जीश्याम ठाकुर ,विश्वनाथ राय , साधु जी ,जय किशोर सिंह , उस्ताद निजामुद्दीन , संजय शुक्ला , बच्चा बाबू, सुशील , शेखर सुमन, दीनू ओझा जी, नवीन पांडे जी, मंटू शुक्ला जी,कलाम जी, बालानंद मिश्रा जी, गौरी मिश्रा, गीता देवी जैसे कई कला प्रेमी उपस्थित थे।
