आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 11 सितंबर।गांधी नगर, आरा में संत विनोबा की 128वीं जयन्ती मनायी गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेन्द्र ने की जबकि मुख्य अतिथि भोजपुर जिला हिन्दी साहित्यि सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो.बलराज ठाकुर उपस्थित रहे।जिला आचार्य कुल के अध्यक्ष प्रो .अरविंद कुमार तिवारी ने स्वागत भाषण दिया।संचालन व धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर ज्योतिन्द्र कुमार सचिव जिला आचार्य कुल ने किया।
मुख्य अतिथि प्रो.ठाकुर ने संत भावे को महात्मा गांधी के सच्चे आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बताते हुये कहा कि विनोबा जी भूदान, संपत्ति दान,तथा ग्राम दान आन्दोलन के द्वारा समाज में ऐसी क्रांति लाने में सफल हुए जिसे नैतिक क्रांति की संज्ञा देना उचित है। विशिष्ट अतिथि व वीर कुवर सिंह विश्वविद्यालय के दर्शन शास्त्र के विभागाध्यक्ष व परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर शिवपरसन सिंह ने कहा कि विनोबा भावे महान चिंतक और देशभक्त संत थे।
अध्यक्षीय संवोधन में आचार्य धर्मेन्द ने कहा कि विनोबा भावे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अजेय योद्धा थे।प्रथम व्यक्तिगत सत्याग्रही, भूदान अआन्दोलन के जनक,आचार्य कुल के संस्थापक,अहिंसक क्रांति कारी संत थे जिनके चिंतन में में समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास का सपना था।
प्रो.अरविंद कुमार तिवारी ने कहा कि विनौबा जी महान संतव अहिंसा के पुजारी थे। प्रो.रामेश्वर सिंह ,ज्योतिन्द्र कुमार, डॉक्टर जे.के.पान्डेय, आचार्य रिजेश,विरेन्द्र, शशिकांत तिवारी, सिवविस सिंह सहित मंहानुभावो ने संत्त विनोबा को महान संत बतलाया।
