
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 02 सितंबर।बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुटाब ) के कार्यकारी अध्यक्ष डा कन्हैया बहादुर सिन्हा ने वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय सहित अन्य विश्वविद्यालयों में तीन माह से वेतन एवं पेंशन भुगतान नहीं होने पर भारी रोष व्यक्त किया है। इन्होंने बताया कि इस प्रकार इस प्रकार से अलोकतांत्रिक कार्य करके शिक्षा विभाग को दुरुस्त किया जा सकता है?प्रो सिन्हा ने मुख्यमंत्री से अपील किया है कि शिक्षा विभाग द्वारा अधिकारों को लेकर राजभवन से अशोभनीय पत्राचार पर अविलंब रोक लगाई जाए।
शिक्षा विभाग द्वारा राज्यपाल -सह-कुलाधिपति को लिखे पत्रों की भाषा से लगता है कि जैसे अशिक्षित व्यक्ति शिक्षा विभाग का संचालन कर रहे हैं।जिन्हें राज्यपाल के अधिकार और गरिमा का भी ज्ञान नहीं है। इन पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए अन्यथा यह संदेश जाएगा कि सरकार कुलाधिपति को अपमानित कराना चाहती है।
शिक्षा विभाग द्वारा बार बार चार हजार करोड़ वार्षिक अनुदान का हवाला देकर विश्वविद्यालयों को अनाधिकृत निर्देश दिए जाने को सही करार देने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार तो सबको पैसा देती है, भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी वेतन सरकार हीं देती है तो क्या उन्हें भी निर्देश देने का अधिकार सरकार को प्राप्त हो जाता है ?
प्रो सिन्हा ने मांग किया है शिक्षकों कर्मचारियों को अविलंब वेतन पेंशन भुगतान किया जाए अन्यथा शिक्षा विभाग के वर्तमान पदाधिकारियों को महामहिम की अवमानना और विश्वविद्यालयों में अनावश्यक हस्तक्षेप के
लिए उन्हें हटाने एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए राज्यव्यापी आन्दोलन आयोजित किया जाएगा।
