पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 26 अगस्त। बिहार पुलिस ने नागरिक केंद्रित पुलिसिंग तथा शहरी पुलिसिंग को सुदृढ करने के उद्देश्य से “नो योर पीपल, नो योर पुलिस” कार्यक्रम की शुरुआत की है। पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में “नो योर पीपल, नो योर पुलिस” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और पब्लिक के बीच समन्वय स्थापित करना है ताकि पुलिस और पब्लिक एक दूसरे को समझ सकें। राज्य के 1066 थानों में थानाध्यक्ष के अतिरिक्त अपर थानाध्यक्ष को पदस्थापित किया गया है ताकि थानाध्यक्ष के थाना से बाहर रहने की अवधि में अपर थानाध्यक्ष द्वारा सभी विधिक एवं प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। थाना अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अपर थाना अध्यक्ष को थानाध्यक्ष की संपूर्ण शक्तियां प्रदत्त रहेंगी और प्राथमिकी भी दर्ज की जायेगी। कई महिला पदाधिकारियों को अपर थानाध्यक्ष के पद पर पदस्थापित किया गया है। इससे प्राथमिकी ससमय अंकित किया जा रहा है और उसी दिन
scrb.bihar.gov.in पर अपलोड किया जा रहा है। साथ ही प्राथमिकी की प्रति भी आवेदक को उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य में 250 टाउन आउट पोस्ट (टीओपी) थे। जिसमें से 60 टी ओ पी क्रियाशील थे और शेष बंद हो गए थे। सभी को क्रियाशील करने की कवायद जारी है। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर शहरी पुलिसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 129 टीओपी को पुनः प्रारंभ किया गया है। शेष 61 टीओपी को शीघ्र सक्रिय कर दिया जायेगा। टी ओ पी में पद स्थापित पुलिसकर्मी सिविल में रहेंगे। इनका कार्य लोगों से समन्वय स्थापित करना, अपने कार्यक्षेत्र में सूचना संकलन करना, स्थानीय स्तर पर छोटे एवं सामान्य प्रकृति के विवादों का निपटारा करना, अपने बीट/मोहल्ला में गश्ती करना, असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर निगरानी रखना और आम जनता तक पुलिस की सुलभ पहुॅच सुनिश्चित करना है।
जिलों में ऑर्डिनरी रिजर्व (ओआर) का स्वीकृत बल लगभग 14200 है। लगभग 5000 ओआर सिपाही जिलों में उपलब्ध थे। 9200 डीएपी सिपाहियों को ओ आर मे प्रत्यावर्तीत कर इस कमी को पूरा किया गया है।
सभी थानों के लिए NIC के माध्यम से ईमेल आईडी की व्यवस्था की जा रही है। 80 प्रतिशत थानों की ईमेल आईडी बनाई जा चुकी है।
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