बागपत/उत्तर प्रदेश 24 अगस्त।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास द्वारा संचालित वन स्टाफ सेंटर (आशा ज्योति केंद्र) का औचक निरीक्षण किया उन्होंने उपस्थिति पंजी का देखी जिसमें समस्त कर्मचारी उपस्थित पाए गए जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर में उपस्थित कानून सहायता परामर्श केंद्र के स्टाफ से जानकारी प्राप्त की और उन्हें निर्देशित किया कि टीम भावना के रूप में कार्य करें और यहां पर आने वाले पीड़ितों की नियम अनुसार हेल्प की जाए जिलाधिकारी ने जिला महिला कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि वन स्टॉप सेंटर में एक पुलिस चौकी बनाई जाए जिसमें आने बाल पीड़ितों का नाम जीडी में दर्ज किया जाए।
जिलाधिकारी ने वन स्टॉप सेंटर इंचार्ज को कार्यो के प्रति गंभीर रहने के निर्देश दिए।
वन स्टॉप सेंटर योजना के अंतर्गत संकटग्रस्त महिलाओं और उनके बच्चों की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर योजना भारत सरकार की सबसे सफल पहलों में से एक है। यह योजना बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों को सहायता प्रदान करने के लिये है।
वन स्टॉप सेंटर हिंसा की शिकार महिलाओं और बच्चों के लिए संपर्क के एकल बिंदु के रूप में काम करते हैं। यह घरेलू हिंसा, यौन हिंसा, आदि जैसी शारीरिक हिंसा या भावनात्मक हिंसा जैसी मनोवैज्ञानिक हिंसा आदि हो सकती है। वन स्टॉप सेंटर उन महिलाओं और बच्चों को सहायता प्रदान करने के लिए भी हैं जो तस्करी और तस्करी के शिकार हैं।
वन स्टॉप सेंटरों में आने वाली अधिक महिलाएं और बच्चे घरेलू हिंसा के शिकार हैं। वन स्टॉप सेंटर द्वारा दी जाने वाली अन्य सेवाएं परामर्श, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता, आश्रय सेवाएं और एक रेफरल प्रणाली हैं।
इस अवसर पर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी तूलिका शर्मा उपस्थित रही।
