आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 19 अगस्त।शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने तथा छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति को लेकर महाराजा कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो ओ पी राय ने सभी विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकों के साथ संयुक्त बैठक कमरा नंबर बीस में की। प्राचार्य ने कहा महाराजा कॉलेज की अपनी गरिमा है जो सदा से अव्वल रहा है और आगे भी इसे और बेहतर बनाने की जरूरत है जिसके लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करना है। राज्य सरकार और राज्य भवन के बढ़ते दबाव पर उपस्थिति से लेकर वर्ग संचालन तक का रिपोर्टिंग करना है। लेकिन उससे भी बड़ी बात है कि हम अपनी सेवा से कॉलेज को, विद्यार्थियों को संतुष्ट करने के साथ साथ अपनी गरिमा को बरकरार रखना है। शिक्षक और छात्रों के बिना कॉलेज अधूरा है।दोनों एक दूसरे के पूरक हैं। बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए बनाने में शिक्षक और विद्यार्थियों की भूमिका अहम है । प्राचार्य ने कहा कि 75 प्रतिशत की उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है अन्यथा फॉर्म नहीं भरा जायेगा।इसकी सूचना मोबाइल नंबर से उनके अभिभावक को दिया जा रहा है।
दूसरी बात है कि विगत 10 वर्षों से महाविद्यालय में कोई विकास का कार्य नहीं हो पाया जिसके कारण भवनों की स्थिति जर्जर हो गई है ऐसी स्थिति में पुनर्निर्माण की जरूरत है। महाविद्यालय के सभी वॉशरूम का नवीनीकरण कैंपस में छात्र छात्राओं के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था,हौल 1 से 5, 6 और 11 से 15 का मरम्मत और उपरी तल बनवाने के साथ साथ प्रशासकीय भवन और प्रधानाचार्य निवास का मरम्मत और रंग रोशन करवाने पर निर्णय हुआ। बोटैनिकल गार्डन में विभागीय आवश्यकता के अनुरूप फुल दाल और मेडिसिनल प्लांट लगाए जाएंगे।
इस बैठक में शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. चंचल कुमार पाण्डेय, सचिव डॉ. मो. नियाज़ हुसैन, परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय कुमार , प्रो. आलोक कुमार, प्रो. संध्या रानी, डॉ. गौतम सिंह, डॉ. ओ. पी. आर्या, डॉ. रमेन्द्र सिंह, डॉ. रागिनी कुमारी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. मंजू, प्रज्ञा राय, कुमारी चंपा, प्रो विभा कुमारी,डॉ. शुचि स्नेहा, डॉ. अभय मिश्रा सहित कई अन्य शिक्षक उपस्थित थे l
