भोपाल/ मध्यप्रदेश 07 अगस्त।भोपाल वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की मध्यप्रदेश इकाई के द्वारा आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में आज मुख्य अतिथि थी दिल्ली इकाई की अध्यक्ष प्रमिला कौशिक l विशिष्ट अतिथि के रूप में नई दिल्ली से उपस्थित रही डा नीलम वर्मा जो कार्डियोलॉजिस्ट एवं कवित्री हैं l अतिथियों का पुष्प भेंट कर स्वागत कमल चंद्र द्वारा किया गया l
गोष्टी का आगाज एवं सभी का स्वागत करते हुए इकाई अध्यक्ष जया आर्य ने कहा कि आदरणीय नरेश नाज़ द्वारा स्थापित अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच पर हमें एकत्रित होने का गौरव प्राप्त हुआ lउन्होंने नई दिल्ली की अध्यक्ष प्रमिला कौशिक एवं विशिष्ट अतिथि नीलम वर्मा का स्वागत किया l
आरंभ में यशी शर्मा द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई l
मुख्य अतिथि प्रमिला कौशिक ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से संस्था का मार्गदर्शन करते हुए सभी रचनाकारों की सराहना की और साथ ही प्रत्येक रचना के सार्थक संदेश की जानकारी दी साथ ही आशा सक्सेना के संचालन की तारीफ करते हुए कहा कि- ‘ सभी की रचनाएं दिए गए विषयों पर आधारित थी l साथ ही तुम्हारे दोस्त कब आएंगे…. नामक अत्यंत ही मार्मिक रचना सुनाई जिसके बोल थे- बालकनी में रखी कुर्सियां पूछती हैं तुम्हारे दोस्त कब आएंगे? हमारी गोद में कब बैठेंगे, कहां चले गए*….l सुंदर रचना प्रस्तुत की l
विशिष्ट अतिथि नीलम वर्मा ने सभी का अभिवादन करते हुए अपनी रुचियों के बारे में जानकारी दी और कहा कि यदि हम एक ही अभिव्यक्ति को अलग-अलग विधा में करते हैं तो उसका आनंद ही अलग हो जाता है l सावन पर हाईकु प्रस्तुत किए– मेघो के संग बरस रहे नयन बेचारे और गजल भी सुनाई l राजश्री रावत ने मंच का मार्गदर्शन करते हुए यह रचना सुनाई- वैसे तो शोर चारों तरफ रोशनी का है .. lअध्यक्षता कर रही वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की अध्यक्ष जया आर्य ने* अपने उद्बोधन के साथ सुंदर रचना प्रस्तुत की-राष्ट्र हमारा जिंदा है फिर आएंगे वीर भगत सिंह.. मंदिर मस्जिद में भेद न होगा, राष्ट्र हमारा जिंदा है….. l
गोष्ठी में 22 प्रतिभागियों ने भाग लिया सुनीता केसवानी- ” मित्रता पंछी से सीखो…, अनीता शरद- दोस्ती का सितारा…., दुर्गा रानी- आजादी के दिन…., मृदुल त्यागी- संघर्षों से हमने आजादी पाई…., शेफालिका श्रीवास्तव- शत शत नमन…, कमल चंद्र- दोस्ती की इबारत…, सुशील गुरु, मधुलिका सक्सेना, करुणा दयाल आदि ने मित्रता और आजादी शीर्षक पर अपनी रचनाएं सुनाई l
कुशल संचालन आशा सक्सेना ने किया गोष्ठी में तकनीकी सहयोग पुनीत चंद्रा द्वारा प्रदान किया गया और आभार व्यक्त किया शेफालीका श्रीवास्तव ने।सौहाद्र पूर्ण वातावरण में काव्य गोष्ठी संपन्न हुई।

