आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 07 अगस्त।सावन माह बाबा भोलेनाथ के लिए सबसे पवित्र माना जाता है लेकिन इस बार मलमास लगने के कारण शिवरात्रि की कुल संख्या 8 हो गई है। आज पांचवा शिवरात्रि है। शिव भक्तों में वही उमंग, वही जोश और एक ही इच्छा की मैं बाबा का जलाभिषेक कर अपनी मन्नत पूरा कर सकूं।
इसी क्रम में शहर का प्राचीन मंदिर बाबा जागेश्वर नाथ उर्फ बुढ़वा महादेव का प्राचीन मंदिर महादेवा मोहल्ला में स्थित है। प्राचीनतम होने के कारण लाखों लाखों भक्त हैं। शान माने इस मंदिर की छटा और भी बढ़ जाती है। शिवरात्रि होने के कारण मंदिर 1 दिन पूर्व से ही सजधज कर तैयार हो जाता है प्रातः काल से ही भक्तों की लाइन लग जाती है मंदिर के बजते घंटियों की टन टनाहट, हर हर महादेव, बोल बम, के जयघोष से भक्तों का हौसला और बढ़ते रहता है। पुरुष और महिलाओं की अलग-अलग कतार बाबा के जलाभिषेक और दर्शनार्थ गर्भगृह तक जाती है। मंदिर में चढ़ते बेलपत्र फूल प्रसाद इत्यादि के लिए सफाई लगातार होते रहते हैं एक तरफ स्वयंसेवक मंदिर के खूनी शेर जल निकालकर श्रद्धालुओं को भक्ति में हरे रहे हैं एक तरफ चंदन का टीका लगाने के लिए भक्तों की भीड़ लगी हुई है बेलपत्र फल फूल बेचने के लिए लंबी कतार लगी हुई है। इसी में भक्तगण अपने आराध्य देव को श्रद्धा भक्ति से सनम आते हैं स्पर्श कर अपने आपको धन्य धन्य हो रहे हैं। बाबा भोलेनाथ सब की मनोकामना की पूर्ण करते हैं क्योंकि औघड़ दानी है। पवित्र जल बेलपत्र और फूल इनके लिए काफी है केवल मन में श्रद्धा का भाव होना चाहिए। मंदिर समिति के लोग पुजारी जिला प्रशासन और स्वयंसेवक सभी मिलकर मंदिर की व्यवस्था को चुस्त बनाए हुए हैं।

