हनुमानगढ़/राजस्थान 07 अगस्त।आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर रूक्मणि रियार की अध्यक्षता में बीबीबीपी अंतर्गत गठित जिला टास्क फोर्स की त्रैमासिक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में बीबीबीपी योजना के तहत जिले में अब तक किए गए कार्यों पर तथा 2023- 24 के एक्शन प्लान पर चर्चा हुई । बैठक में एसीईओ सुनिल छाबड़ा ने उड़ान योजना, मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम, जागृति बैक टू वर्क योजना, सामूहिक विवाह तथा अनुदान योजना इत्यादि कि प्रगति रिपोर्ट के बारे में बताया।
एसीईओ सुनिल छाबड़ा ने बताया कि जिले में बीबीबीपी योजना को धरातल पर उतारने एवं इसे एक सामाजिक मुहिम बनाने के लिए योजना के प्रचार-प्रसार पर विशेष फोकस किया गया है। जिसमें जिला, ब्लॉक व पंचायत स्तर तक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों व पंचायत घरों के माध्यम से जागरूकता,छाबडा ने बताया कि उड़ान योजना अंतर्गत सेनेटरी नैपकिन आंगनवाड़ी, स्कूल महाविद्यालय में निशुल्क वितरित किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि तृतीय चरण तक जिले में 25 लाख 78 हजार से अधिक सेनेटरी नैपकिन वितरित किए जा चुके हैं । रोजगार व आजीविका के क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को बढ़ाने, महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए महिलाओं को वर्क फ्रॉम होम जॉब वर्क के अवसर उपलब्ध करवाए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम जॉब वर्क योजना शुरू की गई थी। जिसके तहत प्रदेश में इस वर्ष 20 हजार महिलाओं को लाभान्वित किया जाना है।
छाबड़ा ने बताया कि विभिन्न कारणों से व्यवसाय क्षेत्र में प्रशिक्षित महिलाएं जो अपना कार्य छोड़ चुकी है, ऐसी महिलाओं को निजी क्षेत्र के सहयोग से वापिस रोजगार से जोड़ने के लिए बैक टू वर्क योजना शुरू की गई थी, जिसके लिए ऑनलाइन घर बैठे आवेदन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अनुदान योजना 2021 के तहत मिल रही अनुदान राशि को 18 हजार से बढ़कर 25 हजार कर दिया गया है जिसमें 21 हजार रुपए नववधू को तथा 4 हजार रुपए आयोजक संस्था को दिए जा रहे है।
छाबड़ा ने बताया कि जिले एवं ब्लॉक स्तर पर बीबीबीपी योजनान्तर्गत किये गये प्रयासों से जिले का एसआरबी जो वित्त वर्ष 2013-14 में 938 था, वर्तमान में 981 हो गया है। पीसीटीएस के अनुसार जिले के एसआरबी 981 होने पर जिले को 20 लाख का बजट आवंटन किया गया था। जिसको महिलाओ और बाल विकास की क्षेत्रिय गतिविधियों पर खर्च किया जा रहा है। सभी के संयुक्त प्रयासों से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना जिले भर में एक सामाजिक मुहिम बनकर उभरी है, जिले के कई एनजीओ, संस्थाऐ एवं आमजन भी बालिकाओं के हित में कार्य कर रहे है।

