पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 25 जुलाई। वाणिज्य कर विभाग द्वारा राज्य के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से शत – प्रतिशत कर भुगतान एवं सेकेंड हैंड कार बिक्री करने वाले व्यवसायियों के विरुद्ध छापेमारी की बड़ी कार्रवाई की गई है। वैसे 27 व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जो विगत वर्षों से अपने कर दायित्व का शत- प्रतिशत भुगतान इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से करते आ रहे हैं। सेकेंड हैंड कार बिक्री करने वाले वैसे 10 व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जो या तो निबंधन योग्य व्यवसायी अनिबंधित रूप में व्यवसाय कर रहे हैं या उन्होंने अपना निबंधन कैंसिल करा लिया है या निबंधन लेकर समुचित कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
वाणिज्य कर विभाग द्वारा इस अभियान के अंतर्गत पटना में 10, भागलपुर, सारण,गया मे दो-दो और पूर्णिया, मुंगेर, जमुई, गोपालगंज, भोजपुर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, सहरसा, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, रोहतास, कैमूर, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, नवादा एवं समस्तीपुर में एक-एक कुल 37 व्यवसायियों के विरुद्ध छापेमारी की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई हेतु विभाग द्वारा कुल 37 संयुक्त दल का गठन किया गया जिसमें कुल 112 पदाधिकारी शामिल थे। अपने कर दायित्व का शत- प्रतिशत भुगतान इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से करने वाले 27 व्यवसायियों के खिलाफ विभिन्न जिलों में कार्रवाई की गई। जिसमें से 12 मामलों में लगभग 14 करोड़ रुपये की राशि का बिक्री छुपाए जाने का मामला पाया गया एवं शेष अन्य मामलों मे निरीक्षण के दौरान संगत साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण 15.12 करोङ रुपये की राशि के मालों को जप्त किया गया। निरीक्षण के दौरान अपने कर दायित्व का शत-प्रतिशत भुगतान इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से करने वाले 6 व्यवसायियों द्वारा देय स्वीकृत करके एवज में 40 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
सेकेंड हैंड कार बिक्री करने वाले 10 व्यवसायियों के विरुद्ध विभिन्न जिलों में कार्रवाई की गई। जिसमें से 5 मामलों में लगभग 30 करोङ रुपये की राशि का बिक्री छुपाए जाने का मामला पाया गया। शेष अन्य मामलों में अग्रेतर सत्यापन हेतू 1.51 करोङ रुपये की राशि के मालों को जप्त/स्तंभित किया गया। विभागीय आयुक्त ने बताया कि वैसे व्यवसायी जो अपना निबंधन कैंसिल कराने के बावजूद भी व्यवसाय कर रहे हैं या निबंधन लेकर समुचित कर का भुगतान नहीं कर रहे हैं या निबंधन योग्य व्यवसाई अनिबंधित रूप मे व्यवसाय कर रहे हैं, पर विभाग की पैनी नजर है। वैसे व्यवसायियों को चिन्हित करके कार्रवाई की गई है और आगे भी ऐसे व्यवसायियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।

