पटना/बिहार 08 जुलाई। बिहार प्रदेश किसान सलाहकार संघ ,पटना एवं बिहार राज्य जनसेवक संघ ,पटना के संयुक्त तत्वावधान में कल 7 जुलाई को पटना के आईएमए हॉल में आधुनिक कृषि विकास में क्षेत्रीय कर्मियों की भूमिका विषयक कन्वेंशन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जन सेवक संघ बिहार ,पटना के राज्याध्यक्ष उमेश कुमार सुमन की।मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ गोपगुट के अध्यक्ष रामबली प्रसाद वही मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड राज्य जनसेवक संघ के महासचिव महेश कुमार सिंह सांवरिया मौजूद थे।विषय प्रवेश राम विनय शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में सम्पूर्ण बिहार से किसान सलाहकार और जनसेवक ,ट्रेड यूनियन के लीडर्स उपस्तिथ थे।कार्यक्रम का संचालन सुशील कुमार चतुर्वेदी ने किया।कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं में जनसेवक संघ के संजय कुमार, एकटू बिहार के रणविजय कुमार,चंद्र मोहन तिवारी,किसान सलाहकार बिहार के कार्यकारी अध्यक्ष अमन कुमार, सारण से विपिन कुमार,भोजपुर से संतोष कुमार सिंह,वैशाली से ममता,औरंगाबाद से रामाकांत,चंपारण से ब्रजेश कुमार,पटना के किसान सलाहकार राम हरे,सुपौल से पिंटू, बांका से अविनाश कुमार के साथ साथ कटिहार,पुर्णिया, अररिया, गया,मोतिहारी, छपरा,रोहतास,बक्सर कैमूर,सहित अन्य राज्यों के भी किसान सलाहकार उपस्थित थे।
वक्ताओं ने राज्य सरकार से आर्थिक लाभ और किसान सलाहकार की स्थाई नियुक्ति लेने की बात कही उन्होंने कहा की किसान सलाहकार के प्रति खराब नीति की लड़ाई कृषि विभाग से है,लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है और किसान सलाहकार को 13 वर्षो में मात्र 13000 का मानदेय ही दिया जा रहा है जो निंदनीय और चिंतनीय है इसके अतीर न कोई डी ए, सी एल और न ही भविष्य की सुरक्षा हेतु पेंशन बजाए इसके किसान सलाहकार कृषि विभाग सहित कई विभागों के कार्यों को भी किसान सलाहकार द्वारा करवाया जाता है।उन्होंने कहा की जब हम अपने हक की मांग करते है तो विभाग द्वारा इसे नकारा जाता है जो निंदनीय है।वक्ताओं ने कार्यक्रम में कहा की यदि हमारी जायज मांगो को सरकार द्वारा स्वीकार नही किया जायेगा तो यह एक जनांदोलन का रूप लेगा और बिहार की गलियों तक पहुंचेगा।


