जयपुर/राजस्थान 29 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि सांख्यिकी विभाग आंकडे संग्रहित करता है जिनके माध्यम से राज्य सरकार की योजनाएं बनाई जाती हैं।
उन्होंने महान सांख्यिकीविद् श्री पी.सी. महालनोबिस को याद करते हुए कहा कि वे भारतीय सांख्यिकी के पितामह हैं। देश की दूसरी पंचवर्षीय योजना का निर्माण भी महालनोबिस मॉडल के आधार पर किया गया था। महालनोबिस ने सांख्यिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, इसलिए उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष विश्व सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है।
जूली के गुरूवार का अलवर के पुलिस अन्वेषण भवन में प्रोफेसर पीसी महालनोबिस की स्मृति में राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर 17वां जिला स्तरीय कार्यक्रम एवं सतत विकास के लक्ष्य 2030 कार्यशाला के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सांख्यिकी विभाग सामाजिक-आर्थिक योजना और नीति निर्माण में सांख्यिकी की भूमिका के बारे में युवाओं में जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सांख्यिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
पर्व एवं त्योहार सामाजिक समरसता के प्रतीक – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री
जूली ने ईद उल अजहा के पवित्र त्यौहार पर अलवर ग्रामीण सहित प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि पर्व एवं त्यौहार आपसी पे्रम एवं सौहार्द को बढावा देकर सामाजिक समरसता बढाने के साथ-साथ समाज को एकरूपता के सूत्र में पिरोने का काम करते हैं।
उन्होंने छठी मील मदरसे सहित विभिन्न गांवों में पहुंचकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। श्री जुली ने कहा कि ईद का यह पवित्र त्यौहार आपसी भाईचारे के साथ सच्चाई के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में ईद उल अजहा का पवित्र त्यौहार विशेष महत्व रखता है। इस दिन हज जैसी इबादत पूरी की जाती है। यह त्यौहार मनुष्य को कठिन परीक्षा की समय में धैर्य रखने, विवेक से कदम उठाने के साथ ही सामाजिक सरोकार के साथ यह त्यौहार जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरणा भी देता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव की परम्परा को ओर अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

