RKTV NEWS/ अनिल सिंह 07 जुलाई।आरा के चंदवा गांव स्थित बाबू जगजीवन राम की समाधि स्थल पर लगभग एक घंटे तक रहकर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भाग लिया। वही भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति पर भाव विभोर होकर आनंद का लुफ्त उठाया अवसर था भारत के उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की पुण्यतिथि का।राज्यपाल का स्वागत समाधि स्थल के समीप बने मंच पर बाबू जी की पुत्री व पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने किया।
सर्वधर्म प्रार्थना सभा का संचालन अधिवक्ता सहाय जी ने किया।इसके पूर्व चंदवा मोड़ चंदवा मोड़ स्थित जगजीवन राम एवं उनकी पत्नी इंद्राणी राम की आदमकद प्रतिमा पर राज्यपाल समेत मीरा कुमार एवं अन्य राजनीतिक हस्तियों ने माल्यार्पण किया।तत्पश्चात समाधि स्थल के समीप बने बाबू जी के नाम के मंच पर यहां उनके तैल्या चित्र पर माल्यार्पण तो राज्यपाल द्वारा नही किया गया पर सर्वधर्म प्रार्थना के अंतर्गत भोजपुरी गायक प्रभुनाथ शर्मा के भोजपुरी गायिकी पर वे आत्म विभोर हो गए और शर्मा जी द्वारा बजाए गए घड़ा पर राज्यपाल इतने प्रभावित हो गए की वे अपने बैठे स्थान पर ही अपने दाहिने हाथ की अंगुलियों को ठेका के रूप में चलाते रहें।
समाधि स्थल पर आने के दौरान राज्यपाल को समाधि स्थल के समीप जिला प्रशासन की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर वर्षा के बूंदा बांदी के बीच दिया गया।इसके बाद महामहिम राज्यपाल ने समाधि स्थल पर बाबू जी को पुष्प अर्पित किया।इसके साथ बाबू जी की पुत्री मीरा कुमार ,पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार,बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ,वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति,माले के विधायक सुदामा प्रसाद,कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक राम,पूर्व कांग्रेसी एमएलसी डॉ अजय कुमार सिंह,भाजपा के गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी सहित दर्जनों कांग्रेस के नेता उपस्थित रहे।
आकर्षण का केंद्रबिंदु रहा भोजपुरी गायिकी पर राज्यपाल के भोर विभोर हो थरकती उंगलियां जिसे सभी ने देखा।
सर्वधर्म प्रार्थना सभा में डीएवी स्कूल की छात्राओं ने वैदिक मंत्रोच्चार किया ईसाई मिशनरियों की छात्राओं ने भी अपनी प्रस्तुति दी। डीके कार्मेल की बच्चियों ने भी गीत प्रस्तुत किए। आशू कवि विशेश्वर नाथ सिन्हा ने निर्गुण प्रस्तुत किया।सिख समुदाय आरा गुरुद्वारा के ग्रंथि के नेतृत्व में गुरु वाणी पाठ किया गया।मुस्लिम समुदाय की ओर से रोजा फारूखी ने अरबी में कुरान के कुछ अंश प्रस्तुत किए पर अपने अल्प संबोधन में कहा कि बाबू जी समाजवादी विचार धारा के थे तभी तो वे मुस्लिम ,हिंदू,सिख ,ईसाई आदि सभी की बाते करते थे।


