जयपुर/राजस्थान 05जुलाई। राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि गुड गवर्नेंस एवं आमजन को राहत पहुंचाने के लिए आयोजित जनसुनवाई शिविरों में परिवादी बिना किसी दबाव या डर के अपनी शिकायत दर्ज करे और संबंधित अधिकारी संवेदनशील होकर परिवादी से संवाद कायम करें व समस्याओं का त्वरित निस्तारण करे।पाराशर मंगलवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति की द्वितीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में जन अभियोग निराकरण विभाग के राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पाराशर ने कहा कि मुख्यमंत्री की आकांक्षाओं के अनुरूप हम सब विभिन्न स्तरों की जनसुनवाई के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी तथा सरकारी सेवाओं की त्वरित डिलीवरी को सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने मौजूद सदस्यों व अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य जन अभियोग के निराकरण हेतु तय समय सीमा में त्वरित कार्यवाही करना है और इसके तहत हमने उन 8 विभागों को भी आमंत्रित किया गया है जिनके राजस्थान सम्पर्क पोर्टल एवं जनसुनवाई में सर्वाधिक प्रकरण लंबित हैं।
राज्य स्तरीय जन अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि वे स्वयं कई जिलों, उपखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल हुए। समिति के सदस्य भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राजस्थान संपर्क पोर्टल की नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक आवश्यक रूप से होनी चाहिए, कई प्रकरणों में जांच की आवश्यकता होती है तो ऐसे प्रकरणों में जांच कमेटी गठित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए।
समिति अध्यक्ष पाराशर ने कहा कि संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के संवेदनशील, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन के मूल मंत्र को दोहराया।
राजस्थान संपर्क पोर्टल जल्द ही नए कलेवर में होगा।
बैठक में जन अभियोग निराकरण विभाग के राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने बताया कि प्रदेश में आमजन की शिकायतें दर्ज करने व इनका समयबद्ध समाधान करने के लिए संचालित राजस्थान संपर्क पोर्टल जल्द ही अपने नए कलेवर में सामने होगा। राजस्थान संपर्क 2.0 में समस्याओं के निस्तारण की बजाए परिवाद के समयबद्ध एवं संतोषप्रद निराकरण पर बल दिया जाएगा। प्रदेश के नागरिकों के लिए संचालित सभी सेवाओं, योजनाओं एवं सेवा प्रदायगी के सिंगल कॉन्टेक्ट पॉइंट के रूप में संपर्क पोर्टल एकीकृत पोर्टल होगा।
उन्होंने कहा कि जल्द ही संपर्क पोर्टल राज्य सरकार के सभी पोर्टलों का समेकित पोर्टल होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग के किसी भी पोर्टल पर कोई कार्य, सेवा या शिकायत जैसे ही दर्ज होगी, वह संपर्क पोर्टल पर ट्रैक होनी शुरू हो जाएगी। दर्ज शिकायतों को भी अलग-अलग श्रेणियों में बांट कर समयबद्ध निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस के लिए आमजन की शिकायतों का समय पर निस्तारण अहम हैं।
डॉ गर्ग ने विभिन्न विभागों में लंबित शिकायतों को गंभीरता से लिया और दर्ज प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तर, उपखण्ड और ग्राम पंचायतों पर राजीव गांधी सेवा केंद्रों पर जनसुनवाई शिविरों के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह जिला स्तरीय समिति की कम से कम एक बैठक का आयोजन किया जाये। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागों में लंबित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही की जाये और उनका निराकरण कर परिवादी को राहत दी जाये।
बैठक में जन अभियोग निराकरण प्रमुख शासन सचिव आलोक गुप्ता ने कहा कि टूटी सड़क, आवारा पशु, पीने का पानी जैसी आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान करें। निदेशक हरि मोहन मीणा ने बताया कि गत 4 वर्षों में राजस्थान संपर्क पर 53 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं जिसमें से 51 लाख से अधिक शिकायतें निस्तारित की जा चुकी हैं। लगभग 3.19 प्रतिशत प्रकरण लंबित हैं। उन्होंने विभागवार दर्ज समस्याओं के निस्तारण, परिवादी की संतोष दर का भी प्रजेंटेशन दिया।
इस दौरान नोहर विधायक अमित चाचाण, जोधपुर विधायक मनीषा पंवार, जिला प्रमुख दौसा श्री हीरालाल सैनी सहित स्वायत्त शासन, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी, राजस्व, गृह, ऊर्जा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर डिस्कॉम तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारी मौजूद थे।


