
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 6 जुलाई। रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संस्करण मंत्री अशोक चौधरी पहुँचे बिलौटी। उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की। मंत्री अशोक चौधरी ने भरत भूषण तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और माता आशा देवी का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
खाद्य एवं उपभोक्ता संस्करण मंत्री अशोक चौधरी ने भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यदि कानून व्यवस्था बनाये रखने वाला कर्मी ही कानून को अपने हाथ मे लेने लगे तो आम जनता का न्याय व्यवस्था से विश्वास डगमगा जायेगा। उन्होंने कहा कि आदरणीय नीतीश कुमार जी के नेतृत्व मे बिहार ने सुशासन, कानून के राज और जवाबदेही की जो पहचान बनाई है, उसे हर परिस्थिति मे अक्षुण्ण बनाये रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें पूर्ण विश्वास है कि उनके आदर्शों पर चलते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व मे राज्य सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करेगी तथा दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड मिलेगा।
उन्होंने महावीर फाउंडेशन की तरफ से बिलौटी मे जवइनिया के विस्थापितों के विकास के लिए 5 लाख रुपये का चेक भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी को दिया ताकि इस राशि से भरत तिवारी के सपनों को पूरा किया जा सके। जवइनिया के विस्थापितों के लिए आवाज उठाने के कारण ही भरत तिवारी की हत्या कर दी गई। भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी ने मंत्री अशोक चौधरी से कहा कि 16-17 दिन बीत जाने के बावजूद भी न्याय नहीं मिला है। दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मंत्री अशोक चौधरी ने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया मे समय लगता है। उन्होंने लोगों से जातीय उन्माद नहीं फैलाने की अपील की।
मंत्री अशोक चौधरी भरत तिवारी के एनकाउंटर स्थल पर भी गये और घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हम लोग भरत तिवारी की भरपाई तो नहीं कर सकते लेकिन उनके सुख-दुख मे परिजनों के साथ हैं और न्याय दिला कर रहेंगे। इस अवसर पर विधायक अरुण मांझी, बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद सिंह उर्फ छोटे सिंह, संजय सिंह, जदयू के प्रदेश सलाहकार समिति सदस्य दिनेश कुमार ओझा, ब्राह्मण महासभा के पं शालिग्राम दूबे, पूर्व मुखिया परशुराम तिवारी, जितेंद्र कुमार, शिव शंकर सिंह, उमेश चंद्र पांडे, मंटू ओझा, चंदन ओझा, धन बिहारी पासवान, दिलीप ओझा, कई नेता, कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या मे लोग उपस्थित थे।
