सभी उर्वरक दुकानों की नियमित जांच एवं अनुश्रवण का निर्देश।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)25 जून।आगामी खरीफ कृषि मौसम को देखते हुए जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, सुचारू आपूर्ति एवं किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हाल के दिनों में उर्वरकों की अधिक मूल्य पर बिक्री एवं कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
उल्लेखनीय है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों के वितरण एवं बिक्री की प्रभावी निगरानी हेतु जिला स्तर तथा प्रखंड/अंचल स्तर पर संयुक्त प्रवर्तन दल का गठन किया गया है। पूर्व में प्रखंड एवं अंचल स्तर पर गठित संयुक्त प्रवर्तन दलों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत संचालित सभी उर्वरक दुकानों का नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण कर उसकी प्रतिवेदन जिला कृषि पदाधिकारी के माध्यम से जिला स्तरीय प्रवर्तन दल को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, अत्यंत खेद का विषय है कि अब तक अधिकांश प्रखंडों एवं अंचलों से जांच एवं अनुश्रवण संबंधी प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हो रहे हैं। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को पुनः कड़े निर्देश जारी किए हैं।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने निर्देश दिया है कि सभी प्रखंड एवं अंचल स्तरीय संयुक्त प्रवर्तन दल अपने-अपने क्षेत्र के सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं दुकानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें। जांच के दौरान यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य वसूली, जमाखोरी अथवा कालाबाजारी पाई जाती है, तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करते हुए इसकी विस्तृत प्रतिवेदन शीघ्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में किसानों का शोषण अथवा उर्वरकों की कृत्रिम कमी उत्पन्न करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी किसानों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की अधिक कीमत वसूली, कालाबाजारी या अन्य अनियमितता की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रखंड कार्यालय अथवा जिला कृषि कार्यालय को दें।

