जांच अधिकारियों को प्रशिक्षित करेगा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण।
RKTV NEWS/पटना(बिहार)23 जून। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में आज स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का आगमन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत ने की। इस अवसर पर प्राधिकरण के सदस्य पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्रा, नरेंद्र कुमार सिंह एवं शंभू दत्त झा, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, प्राधिकरण के सचिव मो. वारिस खान, ओएसडी मो. मोइजउद्दीन सहित प्राधिकरण एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आपातकालीन निकासी व्यवस्था, फायर रिस्पांस प्लान, विद्युत सुरक्षा, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस तथा पुराने अस्पताल भवनों में आवश्यक रेट्रोफिटिंग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं की रोकथाम तथा रोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने पर बल दिया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी निजी एवं सरकारी अस्पतालों में चरणबद्ध तरीके से फायर ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जिसमें अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला अग्निशमन पदाधिकारी (फायर ऑफिसर) तथा बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का एक नामित पदाधिकारी शामिल होगा। यह टीम अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग, अग्निशमन उपकरणों, स्मोक डिटेक्शन सिस्टम, स्प्रिंकलर व्यवस्था एवं फायर रिस्पांस प्लान सहित अन्य आवश्यक बिंदुओं का निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य के सभी जिलों के संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अस्पतालों में फायर ऑडिट के लिए निर्धारित विभिन्न तकनीकी एवं व्यवहारिक मानकों की जानकारी दी जाएगी तथा यह बताया जाएगा कि किन-किन बिंदुओं की जांच कर अस्पतालों को संभावित अग्नि दुर्घटनाओं से सुरक्षित बनाया जा सकता है।
मंत्री निशांत कुमार ने प्राधिकरण के कार्यों की सराहना करते हुए आपदा प्रबंधन एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच सतत समन्वय को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने अस्पतालों की सुरक्षा, चिकित्सा आपातकालीन तैयारी तथा जन-जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों पर बल दिया। इस दौरान प्राधिकरण द्वारा संचालित जागरूकता कार्यक्रमों, स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से सूचना प्रसार, शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण वीडियो तथा सुरक्षित व्यवहार आधारित अभियानों को और अधिक व्यापक रूप देने पर भी चर्चा हुई।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि सरकारी अस्पतालों के साथ साथ निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, नगर विकास एवं आवास विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से राज्य के सभी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत ने कहा कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य में “शून्य जनहानि” के लक्ष्य को लेकर कार्य कर रहा है। अस्पतालों में नियमित फायर ऑडिट, प्रशिक्षण, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस तथा फायर रिस्पांस प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन से अग्निकांड की घटनाओं एवं उससे होने वाली क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में उपाध्यक्ष के ओएसडी मो. मोइजउद्दीन ने स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के सचिव एवं उपस्थित सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मंत्री द्वारा दिए गए सुझाव एवं मार्गदर्शन राज्य में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।

