बाल श्रम उन्मूलन अभियान: देवघर के होटलों में धावा-दल की कार्रवाई, 2 बाल श्रमिक कराए गए मुक्त।
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)19 जून।उपायुक्त के दिशा-निर्देश पर आज बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत गठित धावा-दल द्वारा देवघर जिला के विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न होटलों का सघन निरीक्षण किया गया। इस कार्रवाई के दौरान जिले के 02 होटलों से कुल 2 बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया। विमुक्त कराए गए दोनों बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, देवघर को सुपुर्द कर दिया गया है। इस औचक निरीक्षण अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों और गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिनमें मुख्य रूप से श्रम प्रवर्द्धन पदाधिकारी भूषण यादव (देवघर), राजेश यादव (सारवॉ), टिंकू कुमार दास (मोहनपुर), दिव्यलोक प्रियदर्शी (मधुपुर), जयकुमार यादव (सारठ), एवं दीपक कुमार साव (पालोजोरी)।
NGO प्रतिनिधि: विपुल सिंह (NGO चेतना विकास) एवं दीपा कुमारी (NGO आश्रय)
चाइल्ड हेल्पलाइन प्रवेज अंसारी (CHILD HELPLINE SUPERVISOR) उपस्थित थे।
न्यायालय के निर्देश और कानूनी प्रावधान
सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा ‘एम. सी. मेहता बनाम राज्य सरकार एवं अन्य’ (पीटीशन (सी) संख्या: 455/1996) में 10.12.1996 को दिए गए निर्णय के आलोक में जिला बाल एवं किशोर श्रमिक कोष में ₹20,000.00 से ₹50,000.00 तक की रकम जमा कराई जा सकती है।बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं उन्मूलन) अधिनियम, 1986 एवं संशोधित अधिनियम, 2016 की धारा-3 या धारा-3A के उल्लंघन के आधार पर धारा-14 के अनुसार नियोक्ता (मालिक) पर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्य नियम एवं अपील…
●बाल श्रम यानी 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से कार्य लेना सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि एक कानूनन अपराध है।
●किसी भी नियोजन में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का नियोजन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
●किसी भी खतरनाक नियोजन एवं प्रक्रिया में 18 वर्ष से कम आयु के अल्पवयस्कों का नियोजन प्रतिबंधित है।
सभी से अपील
यदि किसी घर, होटल, ढाबा, ईंट-भट्टा, मोटर गैरेज, क्रशर इत्यादि में कोई बच्चा बाल श्रम करते पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 18003456526 एवं 1098 पर दें।

